हमीरपुर (उत्तर प्रदेश)।
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का खतरनाक नतीजा देखने को मिला है। सुमेरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नेशनल हाईवे-34 पर बीती रात दो डंपरों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। यह हादसा इतना भीषण था कि दोनों डंपरों के केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और उनमें सवार दोनों चालकों व कंडक्टरों को गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही सुमेरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से राहत व बचाव कार्य शुरू कराया। कड़ी मशक्कत के बाद सभी घायलों को वाहनों के केबिन से बाहर निकाला गया और तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
कैसे हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा तेज रफ्तार और ओवरटेक करने की कोशिश के कारण हुआ। बताया जा रहा है कि एक डंपर हाईवे पर आगे चल रहे एक ट्रक को ओवरटेक करने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान सामने की दिशा से एक अन्य ओवरलोड डंपर आ रहा था। अचानक सामने से वाहन आते देख चालक को संभलने का मौका नहीं मिला और दोनों डंपरों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई।
टक्कर इतनी भयानक थी कि दोनों डंपरों के अगले हिस्से पूरी तरह पिचक गए। केबिन में बैठे चालक और हेल्पर अंदर ही फंस गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई।
केबिन में फंसे रहे चालक और हेल्पर
हादसे के बाद स्थिति बेहद गंभीर हो गई। दोनों डंपरों के चालक स्टेयरिंग में बुरी तरह फंस गए, जबकि हेल्पर भी केबिन के अंदर ही दब गए। आसपास से गुजर रहे राहगीरों और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी।
कुछ ही देर में सुमेरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। काफी प्रयासों के बाद केबिन को काटकर और दरवाजों को खोलकर सभी घायलों को बाहर निकाला गया।
अस्पताल में भर्ती, हालत गंभीर
रेस्क्यू के बाद घायलों को एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल हमीरपुर भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार, कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया जा सकता है।
हाईवे पर लगा लंबा जाम
हादसे के कारण नेशनल हाईवे-34 पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। दुर्घटनाग्रस्त डंपर सड़क पर ही खड़े रहे, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ट्रैफिक को नियंत्रित किया और क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया।
करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद यातायात को धीरे-धीरे सामान्य कराया जा सका। इस दौरान यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शी की जुबानी
घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी शिवा ने बताया कि हादसा बेहद अचानक और खतरनाक था।
शिवा, प्रत्यक्षदर्शी:
“डंपर बहुत तेज रफ्तार में था और ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था। तभी सामने से दूसरा डंपर आ गया और जोरदार टक्कर हो गई। आवाज इतनी तेज थी कि लोग दूर से दौड़ते हुए आ गए। दोनों ड्राइवर केबिन में फंसे हुए थे।”
ओवरलोड और तेज रफ्तार फिर बने कारण
स्थानीय लोगों और पुलिस के अनुसार, हादसे का एक बड़ा कारण ओवरलोडिंग भी माना जा रहा है। हाईवे पर भारी वाहनों द्वारा क्षमता से अधिक माल लादकर तेज गति में चलना आम हो गया है, जिससे इस तरह की दुर्घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
बताया जा रहा है कि सामने से आ रहा डंपर भी ओवरलोड था, जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका।
पुलिस ने शुरू की जांच
सुमेरपुर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दोनों वाहनों के दस्तावेज, ड्राइविंग लाइसेंस और ओवरलोडिंग से संबंधित पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि दुर्घटना के समय कौन सा वाहन किस लेन में था और किसकी लापरवाही से हादसा हुआ।
NH-34 पर बढ़ते हादसे, प्रशासन के लिए चिंता
नेशनल हाईवे-34 पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाएं प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही हैं। तेज रफ्तार, ओवरटेकिंग, ओवरलोडिंग और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं, जिनमें लोगों की जान जा रही है या वे गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हाईवे पर स्पीड कंट्रोल, ओवरलोडिंग पर सख्ती और नियमित चेकिंग की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
प्रशासन की अपील
पुलिस और प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएं और ओवरलोडिंग से बचें। साथ ही रात के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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