
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मयंक यादव ने अपनी रफ्तार और सटीक गेंदबाजी से एक बार फिर इतिहास रच दिया है। जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में उन्होंने पारी की पहली ही गेंद पर सलामी बल्लेबाज ब्रायन बैनेट को आउट कर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। इस विकेट के साथ मयंक ने एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया, जो अब तक भारत के केवल एक ही गेंदबाज के नाम दर्ज था।

मयंक यादव अब टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में तीन बार पारी की पहली गेंद पर विकेट लेने वाले भारत के सिर्फ दूसरे गेंदबाज बन गए हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि केवल अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने हासिल की थी।
पहली गेंद पर विकेट लेकर बनाई खास पहचान
मयंक यादव की सबसे बड़ी ताकत उनकी तेज रफ्तार के साथ नई गेंद से बल्लेबाजों पर दबाव बनाना है। जिम्बाब्वे के खिलाफ मौजूदा टी20 सीरीज में उन्होंने दूसरी बार पारी की पहली गेंद पर विकेट हासिल किया। पहले मुकाबले में भी उन्होंने ब्रायन बैनेट को पहली ही गेंद पर पवेलियन भेजा था, जबकि तीसरे टी20 में भी लगभग वही दृश्य दोहराया गया।
इस बार भी ब्रायन बैनेट मयंक की रफ्तार और सटीक लाइन-लेंथ के सामने टिक नहीं सके और पहली ही गेंद पर अपना विकेट गंवा बैठे। लगातार दूसरी बार एक ही बल्लेबाज को पहली गेंद पर आउट करना मयंक की शानदार गेंदबाजी का प्रमाण माना जा रहा है।
भुवनेश्वर कुमार की बराबरी
इस विकेट के साथ मयंक यादव ने भारत के सबसे सफल नई गेंद के गेंदबाजों में शामिल भुवनेश्वर कुमार की बराबरी कर ली। अब दोनों गेंदबाजों के नाम टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तीन-तीन बार पारी की पहली गेंद पर विकेट लेने का रिकॉर्ड दर्ज है।
भारत की ओर से इस सूची में हार्दिक पांड्या और अर्शदीप सिंह भी शामिल हैं, लेकिन दोनों यह कारनामा दो-दो बार ही कर पाए हैं।
भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय में पारी की पहली गेंद पर सबसे ज्यादा विकेट
- 3 बार – भुवनेश्वर कुमार
- 3 बार – मयंक यादव
- 2 बार – हार्दिक पांड्या
- 2 बार – अर्शदीप सिंह
2024 में शुरू हुआ था रिकॉर्ड का सफर
मयंक यादव ने पहली बार यह उपलब्धि साल 2024 में हासिल की थी। भारत और बांग्लादेश के बीच खेली गई टी20 सीरीज के आखिरी मुकाबले में उन्होंने बांग्लादेश के सलामी बल्लेबाज परवेज हुसैन इमोन को पारी की पहली ही गेंद पर आउट कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा था।
इसके बाद जिम्बाब्वे दौरे पर उन्होंने पहले टी20 में ब्रायन बैनेट को पहली गेंद पर आउट किया और अब तीसरे मुकाबले में भी वही कारनामा दोहराकर अपने रिकॉर्ड को और मजबूत कर लिया।
भारतीय टीम के लिए बड़ी उम्मीद बने मयंक
मयंक यादव अपनी रफ्तार, आक्रामक गेंदबाजी और नई गेंद से विकेट लेने की क्षमता के कारण भारतीय टीम के अहम तेज गेंदबाज बनते जा रहे हैं। शुरुआती ओवरों में विकेट निकालने की उनकी क्षमता विपक्षी टीम पर तुरंत दबाव बना देती है। यही वजह है कि टीम प्रबंधन उन्हें भविष्य के प्रमुख तेज गेंदबाजों में देख रहा है।
यदि मयंक इसी तरह लगातार प्रदर्शन करते रहे, तो आने वाले बड़े आईसीसी टूर्नामेंटों में भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण की सबसे मजबूत कड़ी साबित हो सकते हैं। उनकी गति, आत्मविश्वास और नई गेंद से विकेट लेने की कला भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।




