फिरोजाबाद जनपद के नगर पंचायत मक्खनपुर में सदियों से चली आ रही परंपरा के तहत प्राचीन कंस मेले का भव्य शुभारंभ हो गया। होली के पांच दिन बाद लगने वाले इस ऐतिहासिक मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि एटा के विधायक विपिन वर्मा डेविड ने फीता काटकर किया। मेले के शुभारंभ के साथ ही पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोग मेले में पहुंचकर कार्यक्रम का आनंद लेते नजर आए।
नगर पंचायत मक्खनपुर में लगने वाला प्राचीन कंस मेला क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं का प्रतीक माना जाता है। यह मेला सदियों से लगातार आयोजित किया जाता रहा है और स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक इसे देखने के लिए पहुंचते हैं। होली के पांच दिन बाद शुरू होने वाला यह मेला पांच दिनों तक चलता है और इस दौरान पूरे नगर में उत्सव जैसा माहौल बना रहता है।
इस वर्ष भी मेले का आयोजन पूरे हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि एटा विधायक विपिन वर्मा डेविड ने फीता काटकर किया। उद्घाटन के दौरान उन्होंने कहा कि ऐसे पारंपरिक मेले हमारी संस्कृति और विरासत को जीवित रखने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि कंस मेला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का भी प्रतीक है।
इस मौके पर मेला अध्यक्ष गीता देवी दिवाकर (चेयरमैन, नगर पंचायत मक्खनपुर) और चेयरमैन प्रतिनिधि दिलीप कुमार लोधी ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। कार्यक्रम में टूंडला विधायक प्रेमपाल धनगर, मानवेंद्र सिंह लोधी, महानगर अध्यक्ष सतीश दिवाकर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने मेले के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करते हैं।
मक्खनपुर में लगने वाले इस कंस मेले को स्थानीय भाषा में “मक्खनपुर की पांचे” के नाम से भी जाना जाता है। यह मेला क्षेत्र में काफी प्रसिद्ध है और इसकी खास पहचान कंस वध से जुड़ी सांस्कृतिक झांकियों और परंपराओं के कारण है। मेले के दौरान विभिन्न प्रकार की दुकानों, झूलों, खेल तमाशों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जो लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहते हैं।
मेले में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए मनोरंजन के अलग-अलग साधन उपलब्ध रहते हैं। खिलौनों, मिठाइयों और खानपान की दुकानों के साथ-साथ पारंपरिक वस्तुओं की भी कई दुकानें सजाई जाती हैं। शाम होते ही मेले की रौनक और भी बढ़ जाती है और दूर-दूर से आए लोग यहां की सांस्कृतिक झलकियों का आनंद लेते हैं।
उद्घाटन कार्यक्रम में नगर पंचायत मक्खनपुर के कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे। इनमें सभासद प्रतिनिधि विजय कुमार उर्फ वीके, टीटू नागर, वीरेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार सहित अन्य लोग शामिल रहे। सभी ने मेले के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं और लोगों से अधिक से अधिक संख्या में मेले में पहुंचकर इसका आनंद लेने की अपील की।
प्रशासन और नगर पंचायत की ओर से मेले के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ साफ-सफाई, बिजली और पेयजल की व्यवस्था भी की गई है ताकि मेले में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
कुल मिलाकर, मक्खनपुर का यह प्राचीन कंस मेला क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो हर साल लोगों को एक साथ जोड़ने और परंपराओं को जीवित रखने का काम करता है।
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