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Nal Jal Yojana-महोबा में जल शक्ति मंत्री और बीजेपी विधायक के बीच नल जल योजना को लेकर तीखी बहस

जनपद महोबा में उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और चरखारी विधानसभा से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत के बीच खुले तौर पर तीखी बहस देखने को मिली। मामला नल जल योजना के तहत चरखारी विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में पानी की आपूर्ति न होने और सड़कों की खुदाई से जुड़ा हुआ है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए महोबा पहुंचे थे। इसी दौरान चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत अपने समर्थकों और स्थानीय ग्रामीणों के साथ मंत्री का रास्ता रोककर खड़े हो गए। विधायक ने आरोप लगाया कि नल जल योजना के नाम पर गांवों में सड़कें तो खोद दी गईं, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी लोगों को पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। इस मुद्दे को लेकर मौके पर ही मंत्री और विधायक के बीच जमकर बहस हुई।

विधायक बृजभूषण राजपूत ने मंत्री से साफ शब्दों में कहा कि योजनाएं कागजों पर भले ही पूरी दिखाई जा रही हों, लेकिन ग्राउंड लेवल पर हालात बेहद खराब हैं। उन्होंने मंत्री से मांग की कि वे स्वयं गांवों का दौरा करें और लोगों से मिलकर वास्तविक स्थिति की जानकारी लें। विधायक का कहना था कि जब तक ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल नहीं मिलेगा, तब तक वे इस मुद्दे को उठाते रहेंगे।

विवाद बढ़ता देख प्रशासन हरकत में आया। इसके बाद जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, विधायक बृजभूषण राजपूत को साथ लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे। यहां जिले के विभिन्न गांवों के प्रधानों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और डीएम कार्यालय के सभी गेट बंद कर दिए गए, जिससे पूरा कलेक्ट्रेट परिसर कुछ समय के लिए छावनी में तब्दील नजर आया।

बैठक में नल जल योजना, पानी की आपूर्ति, सड़क खुदाई और कार्यों की गुणवत्ता को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। प्रधानों ने भी अपने-अपने गांवों की समस्याएं सामने रखीं और योजना में हो रही देरी तथा लापरवाही की शिकायतें कीं। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां भी गड़बड़ी है, उसे जल्द से जल्द दूर किया जाए और जनता को राहत दी जाए।

वहीं मंत्री का काफिला रोकने और हुए विवाद को लेकर विधायक बृजभूषण राजपूत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह किसी राजनीतिक टकराव का मामला नहीं है, बल्कि जनता की समस्या का सवाल है। उन्होंने कहा,
“मेरे क्षेत्र की जनता को पानी नहीं मिल रहा है। सड़कें टूटी पड़ी हैं। ऐसे में अगर मुझे मंत्री से रास्ते में बात करनी पड़ी, तो मैंने की। जनता के हक और उनकी समस्या के लिए जो भी करना पड़ेगा, मैं करूंगा।”

इस पूरे घटनाक्रम के बाद महोबा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। एक ही पार्टी के मंत्री और विधायक के बीच सरेआम बहस ने नल जल योजना की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन और विभाग इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और ग्रामीणों को कब तक राहत मिल पाती है।

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