लखीमपुर खीरी।
जनपद लखीमपुर खीरी के विकासखंड लखीमपुर अंतर्गत आने वाली कैमाखादर ग्राम पंचायत में सड़क निर्माण कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली सड़कें समय से पहले ही जर्जर हो गई हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के इस्तेमाल और अधिकारियों की लापरवाही के कारण सड़कें भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गईं।
ग्रामीणों के अनुसार, कैमाखादर ग्राम पंचायत को जोड़ने वाली सड़क विशेष रूप से शारदा नहर की पटरी के किनारे बनाई गई थी। यह सड़क गांव के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है, जिससे होकर किसान, छात्र, मजदूर और व्यापारी प्रतिदिन आवागमन करते हैं। सड़क का निर्माण कुछ ही समय पहले कराया गया था, लेकिन अब इसकी हालत ऐसी हो चुकी है कि उस पर चलना तक मुश्किल हो गया है।
समय से पहले उखड़ गई सड़क
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया। सड़क की सतह कई स्थानों पर उखड़ चुकी है, डामर पर दरारें पड़ गई हैं और जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। बरसात के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे हादसों का खतरा और बढ़ जाता है।
ग्रामीण बताते हैं कि कई बाइक सवार और साइकिल चालक फिसलकर गिर चुके हैं। स्कूली बच्चे और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रात के समय सड़क की स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है, क्योंकि गड्ढे साफ दिखाई नहीं देते।
भ्रष्टाचार और मिलीभगत के आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण में ठेकेदार और संबंधित विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। उनका कहना है कि कागजों पर उच्च गुणवत्ता की सामग्री दर्शाई गई होगी, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी कर सस्ती और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिससे सड़क कुछ ही महीनों में टूट गई।
गांव के वरिष्ठ नागरिकों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य सही तरीके से हुआ होता तो सड़क इतनी जल्दी खराब नहीं होती। उनका यह भी कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर धन स्वीकृत तो होता है, लेकिन उसका लाभ जनता तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाता।
शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं
ग्रामीणों के अनुसार, इस संबंध में कई बार संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन से शिकायत की गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न तो सड़क की मरम्मत कराई गई और न ही निर्माण की गुणवत्ता की जांच के लिए कोई टीम भेजी गई। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति असंतोष बढ़ता जा रहा है।
कुछ लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं कराई गई तो भविष्य में अन्य विकास कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठेंगे। ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क निर्माण की तकनीकी जांच कराई जाए और यदि अनियमितताएं पाई जाएं तो दोषी ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
किसानों और छात्रों पर असर
कैमाखादर ग्राम पंचायत कृषि प्रधान क्षेत्र है। यहां के अधिकांश लोग खेती-किसानी पर निर्भर हैं। खराब सड़क के कारण किसानों को अपनी उपज मंडी तक पहुंचाने में दिक्कत होती है। ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहन गड्ढों में फंस जाते हैं, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती है।
स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्रों को भी रोजाना जोखिम उठाकर इस सड़क से गुजरना पड़ता है। कई अभिभावकों ने चिंता जताई है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
प्रशासन से जांच और पुनर्निर्माण की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता का परीक्षण कर दोषियों को चिन्हित किया जाए। उनका कहना है कि गांव को एक मजबूत, टिकाऊ और मानक के अनुरूप सड़क उपलब्ध कराई जाए, ताकि आने-जाने में सुविधा हो और दुर्घटनाओं की आशंका कम हो।
लोगों ने यह भी सुझाव दिया है कि भविष्य में विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और कार्य पूर्ण होने के बाद स्वतंत्र एजेंसी से गुणवत्ता की जांच अनिवार्य की जाए। इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सकता है और सरकारी योजनाओं का लाभ सही मायनों में जनता तक पहुंच सकेगा।
विकास कार्यों की विश्वसनीयता पर सवाल
कैमाखादर की जर्जर सड़क केवल एक गांव की समस्या नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। यदि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की गई तो सरकारी योजनाओं पर लोगों का विश्वास कमजोर होता जाएगा।
फिलहाल कैमाखादर ग्राम पंचायत के लोग प्रशासन की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। अब यह देखना अहम होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और गंभीरता से कार्रवाई करता है और क्या गांव को जल्द ही एक सुरक्षित व मजबूत सड़क मिल पाती है या नहीं।
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