कुशीनगर से दर्दनाक हादसे की रिपोर्ट
कुशीनगर जिले में रविवार की भोर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। हाटा नगरपालिका क्षेत्र के पास हुए इस भीषण एक्सीडेंट में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना जबरदस्त था कि कार के परखच्चे उड़ गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई।
घटना रविवार भोर करीब तीन बजे की बताई जा रही है, जब तेज रफ्तार कार ने खड़े ट्रेलर में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।

रॉयल मैरेज हाल के सामने हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, यह हादसा हाटा नगरपालिका के रॉयल मैरेज हाल के सामने हुआ। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कार में सवार छह युवक देर रात कहीं कार्यक्रम से लौट रहे थे। रास्ते में उनकी कार ने सड़क किनारे खड़े ट्रेलर में पीछे से टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह ट्रेलर के नीचे जा घुसा। हादसे के बाद कार में सवार युवक फंस गए और चीखने-चिल्लाने लगे। जब तक आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई, तब तक तीन युवकों की मौत हो चुकी थी।
मृतकों की पहचान और घरों में मचा मातम
मरने वालों की पहचान नीतीश, अमन और हरीश के रूप में हुई है। ये तीनों हाटा नगरपालिका क्षेत्र के निवासी थे।
इन तीनों के निधन की खबर जैसे ही इलाके में फैली, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया — घरों में मातम पसरा हुआ है, महिलाएं विलाप कर रही हैं और पूरे मोहल्ले का माहौल गमगीन है।
पड़ोसियों ने बताया कि ये सभी युवक आपस में घनिष्ठ मित्र थे और हमेशा साथ दिखाई देते थे। किसी को अंदाज़ा भी नहीं था कि रविवार की सुबह ये तीनों हमेशा के लिए बिछुड़ जाएंगे।
तीन घायल गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती
हादसे में घायल तीन अन्य युवकों को स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से पहले हाटा सीएचसी (Community Health Center) पहुंचाया गया। वहां से उनकी हालत गंभीर देखते हुए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
डॉक्टरों के अनुसार, तीनों घायलों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उनमें से एक युवक को सिर में गहरी चोटें आई हैं, जबकि दो अन्य के हाथ-पैर टूट गए हैं।
स्थानीय प्रशासन और नेताओं ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही हाटा विधायक मोहन वर्मा और नगरपालिका अध्यक्ष रामानंद सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी और घायलों के बेहतर इलाज का भरोसा दिलाया।
विधायक मोहन वर्मा ने कहा —
“यह अत्यंत दुखद घटना है। प्रशासन को चाहिए कि सड़क पर खड़े भारी वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।”
नगरपालिका अध्यक्ष रामानंद सिंह ने भी मृतकों के परिवारों की आर्थिक मदद की बात कही।
पुलिस ने की जांच शुरू, ट्रेलर चालक फरार
हाटा कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार को क्रेन की मदद से सड़क किनारे हटवाया।
ट्रेलर चालक घटना के बाद मौके से फरार हो गया। पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और चालक की तलाश की जा रही है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि हादसे से पहले की पूरी स्थिति साफ हो सके।
एक अधिकारी ने बताया —
“प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कार तेज रफ्तार में थी और सड़क किनारे खड़े ट्रेलर में सीधी टक्कर मार दी। लापरवाही किसकी थी, यह जांच में स्पष्ट होगा।”
भोर का सन्नाटा और सड़क पर मौत का मंजर
स्थानीय चश्मदीदों ने बताया कि हादसा इतना भयानक था कि आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। कार ट्रेलर के नीचे फंसी थी और अंदर से युवकों की चीखें सुनाई दे रही थीं।
लोगों ने काफी मशक्कत के बाद कार के दरवाजे तोड़े और पुलिस को बुलाया।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया —
“हमने ऐसा मंजर पहले कभी नहीं देखा। कुछ ही सेकंड में तीन परिवारों की खुशियां उजड़ गईं।”
इलाके में पसरा मातम, स्कूल-कॉलेजों में शोक
हाटा क्षेत्र में यह हादसा चर्चा का विषय बना हुआ है। मृतक युवकों में से दो कॉलेज के छात्र थे और एक स्थानीय व्यवसायी का बेटा था।
तीनों के अंतिम संस्कार में सैकड़ों लोग शामिल हुए। नगर में कई जगहों पर शोक सभा आयोजित की गई।
लोगों ने प्रशासन से मांग की कि हाटा-गोरखपुर मार्ग पर ट्रेलर और भारी वाहनों के खड़े होने पर रोक लगाई जाए।
सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
रात के समय भारी वाहन बिना किसी चेतावनी संकेत के सड़क किनारे खड़े कर दिए जाते हैं। ऐसे में तेज गति से आने वाले वाहन चालकों को इनका अंदाजा नहीं होता और हादसे घटते हैं।
स्थानीय लोगों ने कहा कि प्रशासन को चाहिए कि सड़क किनारे पार्किंग और खड़े वाहनों पर निगरानी बढ़ाए।
मृतकों के परिवारों के लिए राहत की उम्मीद
हाटा विधायक मोहन वर्मा ने कहा कि सरकार से मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता दिलाने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन से अपील की कि घायलों के इलाज का पूरा खर्च शासन वहन करे।
कुशीनगर का यह हादसा केवल तीन परिवारों का ग़म नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है।
एक पल की लापरवाही या सड़क पर खड़े एक ट्रेलर की अनदेखी कितनी बड़ी त्रासदी बन सकती है, इसका उदाहरण यह घटना है।
ज़रूरत इस बात की है कि लोग ड्राइविंग के दौरान सतर्क रहें, प्रशासन सड़क सुरक्षा पर सख्ती दिखाए, और भारी वाहनों की मनमानी रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
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