कुशीनगर जनपद के हाटा कोतवाली क्षेत्र में एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया।
गांव में घर के बाहर बैठे एक परिवार पर अचानक मौत का साया छा गया जब गिलास में रखकर जलाया गया पटाखा फटने से 60 वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत हो गई।
यह हादसा शुक्रवार की शाम को हुआ, जब आसपास के लोग त्योहारों के अवसर पर पटाखे जलाने में व्यस्त थे।

गांव में पसरा मातम, परिवार में कोहराम
मृतका की पहचान कलावती देवी (उम्र 60 वर्ष) के रूप में हुई है, जो हाटा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की निवासी थीं।
परिवारजन के अनुसार, वह रोज की तरह शाम को घर के आंगन में बैठी थीं, जब यह हादसा हुआ।
इसी दौरान कुछ बच्चे और युवक घर के पास गिलास में पटाखा रखकर जलाने का प्रयोग कर रहे थे।
पटाखा जलते ही तेज धमाका हुआ और गिलास का शीशा चारों ओर बिखर गया।
गिलास के टूटे टुकड़े इतनी तेजी से उड़े कि उनमें से एक नुकीला टुकड़ा सीधा कलावती देवी के गले में जा लगा।
घटना के तुरंत बाद कलावती लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गईं।
परिवारजन और आसपास के लोग उन्हें आनन-फानन में अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
अस्पताल में मौत, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
परिजन कलावती देवी को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवतहा सुकरौली लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया।
लेकिन गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव (ब्लीडिंग) के कारण डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश के बावजूद मृत घोषित कर दिया।
मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया।
परिजन फफक-फफक कर रोने लगे, वहीं पूरे गांव में मातम छा गया।
ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने बताया कि कलावती देवी की गर्दन में कांच का तेज टुकड़ा गहराई तक धंस गया था, जिससे रक्तस्राव अधिक हुआ और मौत हो गई।
डॉक्टरों ने यह भी कहा कि ऐसे हादसे छोटे से लापरवाही भरे कदम से हो सकते हैं और पटाखे जलाते समय लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
पुलिस मौके पर पहुंची, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
घटना की सूचना मिलते ही हाटा कोतवाली पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह मामला लापरवाहीजनित दुर्घटना (Accidental Death) का प्रतीत होता है।
फिलहाल किसी पर भी कानूनी आरोप नहीं लगाया गया है, लेकिन पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
थानाध्यक्ष हाटा ने बताया कि परिवार की शिकायत या बयान आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पटाखे या ज्वलनशील वस्तुएं जलाते समय अत्यधिक सावधानी बरतें, विशेषकर जब आसपास बुजुर्ग या बच्चे मौजूद हों।
गांव में शोक और दहशत का माहौल
हादसे के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
कलावती देवी अपने परिवार में सभी की दादी और मार्गदर्शक मानी जाती थीं।
उनकी अचानक हुई मृत्यु से परिवार के साथ-साथ पूरे मोहल्ले के लोग शोकाकुल हैं।
गांव के बुजुर्गों ने बताया कि यह घटना लापरवाही का नतीजा है और आने वाले समय में सभी को इससे सबक लेना चाहिए।
एक पड़ोसी ने बताया, “पटाखा कोई बड़ा नहीं था, बच्चे मज़ाक में जला रहे थे। लेकिन गिलास में रखकर जलाने से धमाका बहुत तेज़ हुआ। किसी ने सोचा भी नहीं था कि ऐसा हो जाएगा।”
पटाखा कैसे बना जानलेवा – हादसे की तकनीकी वजह
विशेषज्ञों के अनुसार, कांच का गिलास एक बंद ढांचा होने के कारण उसमें रखा गया पटाखा जब जलता है, तो भीतर दबाव तेजी से बढ़ता है।
यह दबाव बाहर निकलने का रास्ता न मिलने पर विस्फोटक रूप ले लेता है और गिलास के टुकड़े तेज़ रफ्तार शार्पनल की तरह चारों ओर बिखर जाते हैं।
इसी कारण कांच या धातु के बर्तनों में पटाखा जलाना बेहद खतरनाक माना जाता है।
इस प्रकार के हादसे अक्सर दीवाली या अन्य त्योहारों के दौरान बच्चों की लापरवाही से घटित होते हैं।
प्रशासन ने जारी की चेतावनी और अपील
घटना के बाद पुलिस व प्रशासन ने लोगों को जागरूक करने के लिए अपील जारी की है।
पुलिस ने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि कई बार बच्चे जिज्ञासा या मज़ाक में खतरनाक प्रयोग कर बैठते हैं, जो जानलेवा साबित होते हैं।
हाटा के सीओ ने कहा —
“यह हादसा बहुत दुखद है। सभी माता-पिता से अनुरोध है कि वे बच्चों को पटाखे जलाते समय सावधानी बरतने की सलाह दें।
किसी भी ज्वलनशील वस्तु को कांच या बंद बर्तन में जलाना खतरनाक है।”
परिजनों की व्यथा और बयान
मृतका के बेटे ने बताया,
“मां रोज शाम को घर के बाहर बैठती थीं। पटाखे जलाने वाले बच्चे पास ही खेल रहे थे। धमाका इतना तेज हुआ कि सब डर गए।
हमें लगा किसी सिलेंडर में विस्फोट हुआ है, लेकिन जब देखा तो मां खून से लथपथ पड़ी थीं।”
परिजनों ने बताया कि कलावती देवी बहुत सरल और शांत स्वभाव की थीं।
उनकी मृत्यु से परिवार का सहारा टूट गया है।
गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे हादसों से बचाव के लिए पटाखा बिक्री पर कड़े नियम लागू किए जाएं।
लोगों में दहशत, बच्चों को समझाने की अपील
घटना के बाद आसपास के गांवों में भी दहशत फैल गई है।
लोगों ने बच्चों को पटाखे न छेड़ने और किसी भी तरह के खतरनाक प्रयोग से दूर रहने की सलाह दी है।
कुछ समाजसेवी संगठनों ने यह सुझाव दिया है कि स्कूलों में पटाखों के खतरों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी पूरी सच्चाई
पुलिस ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है।
रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कांच का टुकड़ा कितनी गहराई तक घुसा था और मौत तत्काल हुई या उपचार के दौरान।
फिलहाल मामले को लापरवाही से हुई मृत्यु मानकर जांच जारी है।
कुशीनगर जिले का यह हादसा इस बात की दर्दनाक याद दिलाता है कि छोटी-सी असावधानी कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।
गिलास में रखकर जलाया गया एक पटाखा एक महिला की जान ले गया और पूरे परिवार को मातम में डुबो गया।
प्रशासन और पुलिस की अपील के बावजूद हर साल ऐसी घटनाएँ होती हैं, जिनमें लापरवाही और जागरूकता की कमी साफ दिखाई देती है।
जरूरी है कि हम सब मिलकर पटाखों के सुरक्षित उपयोग को लेकर जागरूक हों, ताकि आने वाले समय में किसी और परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े।
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