कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जनपद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सैनी कोतवाली क्षेत्र के सिराथू रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन की चपेट में आने से मां और बेटी की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों महिला ओवरब्रिज का उपयोग करने के बजाय सीधे रेलवे ट्रैक पार कर रही थीं, तभी तेज रफ्तार ट्रेन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। यह हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही दोनों की मौत हो गई।

घटना से आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग घटनास्थल की ओर दौड़े, वहीं रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत जीआरपी (Government Railway Police) को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
ट्रैक पार करते समय हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा सुबह करीब 9 बजे हुआ। मां और बेटी सिराथू रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने पहुंची थीं। बताया गया कि उन्हें कानपुर जाना था, लेकिन प्लेटफॉर्म बदलने के लिए वे ओवरब्रिज का इस्तेमाल करने के बजाय सीधे रेलवे लाइन पार करने लगीं। उसी दौरान डाउन लाइन से एक तेज रफ्तार ट्रेन गुजरी और दोनों उसकी चपेट में आ गईं।
ट्रेन की रफ्तार इतनी तेज थी कि चालक ब्रेक लगाने का मौका तक नहीं पा सका। हादसा इतना अचानक हुआ कि मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। जब तक लोग दौड़कर पहुंचे, दोनों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
घटना स्थल पर मचा हाहाकार
घटना के तुरंत बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों ने हादसे की सूचना जीआरपी और स्टेशन मास्टर को दी। कुछ देर में जीआरपी पुलिस और आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने लाइन को कुछ देर के लिए ब्लॉक किया और शवों को पटरियों से हटवाया। मां और बेटी दोनों की पहचान स्थानीय लोगों की मदद से हुई। पुलिस ने दोनों के परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद परिवारजन जब मौके पर पहुंचे तो रो-रोकर उनका बुरा हाल हो गया।
परिजनों में मचा कोहराम
मां-बेटी की मौत की खबर मिलते ही घर में मातम पसर गया। परिजन हादसे पर यकीन नहीं कर पा रहे थे। बताया जा रहा है कि दोनों कानपुर में किसी रिश्तेदार से मिलने जा रही थीं। परिजनों ने बताया कि दोनों जल्दी में थीं, इसलिए प्लेटफॉर्म बदलने के लिए ओवरब्रिज की बजाय सीधे ट्रैक पार करने लगीं — और यही लापरवाही उनकी जान ले बैठी।
परिजनों ने पुलिस से अनुरोध किया है कि शवों का पोस्टमार्टम जल्द कराया जाए ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
जीआरपी ने संभाली जांच
घटना की जानकारी मिलते ही सिराथू रेलवे स्टेशन पर तैनात जीआरपी चौकी प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और यात्रियों से पूछताछ की।
जीआरपी प्रभारी ने बताया —
“सुबह के समय मां-बेटी ट्रेन पकड़ने के लिए सिराथू स्टेशन पहुंचीं थीं। प्लेटफॉर्म बदलने के दौरान उन्होंने शॉर्टकट के रूप में ट्रैक पार करने की कोशिश की, तभी गुजर रही ट्रेन की चपेट में आकर दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है।”
रेलवे प्रशासन ने दी चेतावनी
रेलवे प्रशासन ने इस हादसे के बाद यात्रियों को चेताया है कि किसी भी स्थिति में ट्रैक पार न करें। स्टेशन मास्टर ने कहा कि ओवरब्रिज यात्रियों की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं, लेकिन लोग जल्दबाजी में जान जोखिम में डाल देते हैं।
“हर साल ऐसे कई हादसे केवल इस वजह से होते हैं कि यात्री ट्रेन पकड़ने की जल्दी में सीधे ट्रैक पार करने लगते हैं। रेलवे बार-बार अपील करता है कि कोई भी व्यक्ति ट्रैक पार न करे, बल्कि फुटओवर ब्रिज का ही इस्तेमाल करे।”
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बताया कि सिराथू स्टेशन पर अक्सर लोग इस तरह ट्रैक पार करते हैं। ओवरब्रिज होने के बावजूद कई यात्री शॉर्टकट के रूप में रेलवे लाइन से गुजरते हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे को प्लेटफॉर्मों के बीच सुरक्षा दीवार या बैरिकेड लगानी चाहिए ताकि लोग सीधे पटरियों पर न उतर सकें।
कुछ यात्रियों ने यह भी कहा कि प्लेटफॉर्म नंबर 1 और 2 के बीच यात्री सुविधा संकेतक ठीक से नहीं लगे हैं, जिससे कई लोग भ्रमित हो जाते हैं।
हादसे के बाद ट्रेनें हुईं प्रभावित
इस घटना के बाद लगभग आधे घंटे तक रेलवे ट्रैफिक बाधित रहा। पटरियों पर शव पड़े होने के कारण कई ट्रेनों को रोकना पड़ा। जीआरपी और आरपीएफ द्वारा शवों को हटाने के बाद ट्रेनों का संचालन दोबारा शुरू किया गया।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यातायात अब सामान्य कर दिया गया है, लेकिन स्टेशन पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी बन रही खतरा
रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, भारत में हर साल सैकड़ों लोग केवल ट्रैक पार करते समय अपनी जान गंवाते हैं। रेलवे ने बार-बार चेतावनी जारी की है कि ओवरब्रिज और सबवे यात्रियों की सुरक्षा के लिए हैं, लेकिन इसके बावजूद ट्रैक पार करने की आदतें लोगों के लिए जानलेवा बनती जा रही हैं।
कौशांबी की यह घटना फिर से याद दिलाती है कि छोटी-सी लापरवाही कितना बड़ा नुकसान कर सकती है। यदि मां-बेटी ओवरब्रिज से गुजरतीं, तो शायद यह हादसा टल सकता था।
पुलिस कर रही आगे की कार्रवाई
जीआरपी ने इस हादसे से संबंधित सभी औपचारिकताएँ पूरी कर ली हैं। दोनों शवों का पंचनामा भरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
सैनी कोतवाली पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह एक दुर्घटनात्मक मृत्यु का मामला प्रतीत हो रहा है। हालांकि, पुलिस ने बताया कि घटनास्थल पर मौजूद लोगों से भी बयान लिए जा रहे हैं।
कौशांबी जिले के सिराथू रेलवे स्टेशन पर हुई यह दर्दनाक दुर्घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि जल्दबाजी और लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है। एक छोटी सी गलती — ओवरब्रिज की जगह ट्रैक पार करना — ने एक मां और उसकी बेटी की जिंदगी छीन ली।
रेलवे प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी और अपने परिजनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नियमों का पालन करें। सुरक्षा केवल रेलवे की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर यात्री का दायित्व है।
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