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Stone Pelting in Kaushambi : कौशाम्बी में जमीनी विवाद बना बवाल, सिराथू में पुलिस-राजस्व टीम पर पथराव, कई घायल

कौशाम्बी जिले के सिराथू तहसील क्षेत्र के गौराहार गांव में शुक्रवार को उस समय तनावपूर्ण हालात बन गए जब जमीनी विवाद के निस्तारण के लिए पहुंची पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम पर ग्रामीणों ने अचानक पथराव कर दिया।
घटना इतनी तेज़ और अप्रत्याशित थी कि कुछ ही पलों में गांव का माहौल युद्ध जैसा बन गया।
इस हमले में कई पुलिसकर्मी और राजस्व विभाग के कर्मचारी घायल हो गए, जिनका इलाज फिलहाल सिराथू के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में चल रहा है।

जमीनी विवाद से उपजा बवाल

जानकारी के अनुसार गौराहार गांव में पिछले कई महीनों से दो पक्षों के बीच भूमि को लेकर विवाद चल रहा था।
प्रशासन की ओर से पहले भी कई बार समझौते और निस्तारण की कोशिशें की गईं, लेकिन समाधान नहीं निकल सका।
शुक्रवार को विवादित भूमि की पैमाइश और कब्जा हटाने के लिए राजस्व विभाग की टीम, पुलिस बल के साथ गांव पहुंची थी।
जैसे ही अधिकारियों ने नापजोख शुरू की, अचानक कुछ असामाजिक तत्वों ने विरोध शुरू कर दिया और देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया।

अचानक हुए पथराव से मचा अफरातफरी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस और राजस्व टीम जब पैमाइश कर रही थी, तभी दर्जनों की संख्या में ग्रामीणों ने वहां इकट्ठा होकर नारेबाजी शुरू कर दी।
मौके पर मौजूद पुलिस बल ने पहले उन्हें शांत कराने की कोशिश की, लेकिन अचानक भीड़ उग्र हो उठी और टीम पर पत्थर बरसाने लगी।
कुछ पथराव इतने तेज़ थे कि पुलिस की गाड़ियों के शीशे टूट गए और कई कर्मचारियों को सिर व हाथों में गंभीर चोटें आईं।

एक अधिकारी ने बताया कि हमला इतने अचानक हुआ कि पहले कुछ क्षणों तक पुलिस को समझ नहीं आया कि बचाव कैसे किया जाए।
पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और भीड़ को तितर-बितर किया।

कई पुलिसकर्मी और अधिकारी घायल

घटना में कई पुलिसकर्मी और राजस्व विभाग के कर्मचारी घायल हुए हैं।
घायलों में एक राजस्व निरीक्षक, दो सिपाही और एक लेखपाल के नाम सामने आए हैं।
सभी को प्राथमिक उपचार के लिए सीएचसी सिराथू भेजा गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है।
डॉक्टरों के मुताबिक, सभी की हालत अब खतरे से बाहर है, लेकिन कुछ कर्मियों को सिर में गहरी चोटें आई हैं।

SDM और CO मौके पर पहुंचे

घटना की जानकारी मिलते ही सिराथू के एसडीएम और क्षेत्राधिकारी (सीओ) भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
गांव को तत्काल छावनी में तब्दील कर दिया गया ताकि किसी भी प्रकार की पुनः हिंसा या उपद्रव को रोका जा सके।
पुलिस ने गांव की मुख्य गलियों और प्रवेश मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी है।
अधिकारी लगातार स्थिति का जायजा ले रहे हैं और शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।

पुलिस का सर्च अभियान और हिरासतें

पथराव की इस घटना के बाद पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
घटना में शामिल संदिग्ध पत्थरबाजों की पहचान के लिए वीडियो और CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
अभी तक पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जल्द ही वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

गांव में तनाव, पीएसी बल तैनात

पथराव की घटना के बाद गौराहार गांव में तनाव का माहौल है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एहतियातन पीएसी बल (प्रांतीय सशस्त्र बल) को भी तैनात कर दिया है।
गांव में हर कोने पर सुरक्षा बल तैनात हैं, और पुलिस अधिकारियों द्वारा लगातार गश्त की जा रही है ताकि कोई नई घटना न हो।

स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून-व्यवस्था बनाए रखें।

अधिकारियों की सख्त चेतावनी

इस घटना के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
एसपी कौशाम्बी ने स्पष्ट किया कि सरकारी ड्यूटी के दौरान अधिकारियों पर हमला किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस मामले में राजद्रोह और सरकारी कार्य में बाधा डालने की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

एसडीएम सिराथू ने बताया कि टीम पूरी पारदर्शिता के साथ सरकारी भूमि की पैमाइश करने गई थी।
लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, जिनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

गांव के कुछ लोगों का कहना है कि प्रशासन ने भूमि मापने से पहले दोनों पक्षों को पर्याप्त जानकारी नहीं दी थी, जिसके कारण ग़लतफहमी बढ़ी।
वहीं, कई ग्रामीणों ने इस हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि प्रशासनिक कार्यों में बाधा डालना उचित नहीं है।
कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ बाहरी तत्वों ने जानबूझकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया।

शांति बनाए रखने की अपील

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार लोगों से संवाद कर रहे हैं।
गांव में जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है ताकि किसी प्रकार की अफवाह फैलने से रोका जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है, और गांव में किसी भी प्रकार का उपद्रव नहीं होने दिया जाएगा।

पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई

पुलिस ने इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच शुरू कर दी है।
एसपी ने घटना की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की है, जो सभी पहलुओं की पड़ताल करेगी।
इस टीम को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल पुलिस ने गांव के कुछ घरों पर निगरानी बढ़ा दी है और हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जा रही

कौशाम्बी के सिराथू में हुई यह घटना प्रशासनिक व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
एक छोटे से जमीनी विवाद ने जिस तरह हिंसक रूप लिया, उसने यह साबित कर दिया कि कानून-व्यवस्था को बनाए रखना कितनी बड़ी चुनौती है।
हालांकि प्रशासन की तत्परता और पुलिस की मौजूदगी से हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं, लेकिन यह घटना आने वाले समय में भूमि विवादों के निपटान में सुरक्षा व्यवस्था और संवाद की आवश्यकता को और मजबूत करती है।

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