कौशाम्बी। उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब मोबिल ऑयल से लदा एक टैंकर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया और देखते ही देखते आग का भीषण गोला बन गया। हादसा नेशनल हाईवे 2 पर सैनी कोतवाली क्षेत्र के लोहदा गांव के पास हुआ। घटना इतनी भयावह थी कि कुछ ही मिनटों में टैंकर धू-धूकर जलने लगा और आसमान में काले धुएं के गुबार छा गए। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों में दहशत फैल गई।

कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोबिल ऑयल से लदा टैंकर हाईवे पर सामान्य गति से जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अचानक चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया, जिससे टैंकर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे की ओर झुक गया और पलट गया। पलटने के बाद टैंकर पास खड़े विद्युत पोल से जा टकराया। पोल से टकराते ही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से चिंगारी निकली और देखते ही देखते मोबिल ऑयल ने आग पकड़ ली।
मोबिल ऑयल अत्यंत ज्वलनशील पदार्थ होता है। टैंकर के पलटते ही तेल का रिसाव शुरू हो गया था। जैसे ही बिजली की चिंगारी तेल के संपर्क में आई, आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। कुछ ही क्षणों में टैंकर आग के गोले में तब्दील हो गया।
चालक ने दिखाई सूझबूझ
हादसे के समय चालक ने तत्काल स्थिति को भांप लिया। टैंकर के पलटते ही उसने किसी तरह केबिन का दरवाजा खोला और बाहर कूद गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने से पहले ही चालक टैंकर से दूर हट चुका था, जिससे उसकी जान बच गई। चालक को हल्की चोटें आईं, लेकिन वह सुरक्षित बताया जा रहा है।
यदि चालक समय रहते बाहर न निकलता तो यह हादसा और भी गंभीर रूप ले सकता था। स्थानीय लोगों ने चालक की सूझबूझ की सराहना की है।
धुएं के गुबार से घबराए लोग
आग इतनी भीषण थी कि कई किलोमीटर दूर तक धुएं का गुबार दिखाई दे रहा था। हाईवे पर चल रहे अन्य वाहन चालक रुक गए और लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कुछ लोगों ने अपने मोबाइल फोन से घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया।
आग की लपटें कई फीट ऊंचाई तक उठ रही थीं। आसपास के खेतों और झाड़ियों तक आग फैलने का खतरा पैदा हो गया था। स्थानीय ग्रामीणों ने भी तुरंत सतर्कता दिखाते हुए दूर हटकर सुरक्षित स्थान पर शरण ली।
दमकल विभाग ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही सैनी कोतवाली पुलिस और दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने पहले हाईटेंशन लाइन की बिजली सप्लाई बंद कराई, ताकि आग पर काबू पाने में किसी प्रकार की बाधा न आए। इसके बाद पानी और फोम की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया।
करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक टैंकर पूरी तरह जल चुका था और उसमें लदा अधिकांश मोबिल ऑयल नष्ट हो गया।
यातायात हुआ बाधित
हादसे के कारण नेशनल हाईवे 2 पर लंबा जाम लग गया। दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। पुलिस ने यातायात को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया। आग बुझने और क्षतिग्रस्त टैंकर को हटाने के बाद ही यातायात सामान्य हो सका।
हाईवे पर हुई इस घटना ने एक बार फिर भारी वाहनों की सुरक्षा और मेंटेनेंस को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विद्युत विभाग की भूमिका
टैंकर के विद्युत पोल से टकराने के कारण हाईटेंशन लाइन में फॉल्ट आ गया, जिससे आसपास के गांवों में कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति बाधित रही। विद्युत विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त पोल और तारों की मरम्मत शुरू की। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी और भविष्य में ऐसे हादसों से बचाव के उपाय किए जाएंगे।
जांच के आदेश
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में वाहन के अनियंत्रित होने को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है, लेकिन यह भी जांच की जा रही है कि कहीं टैंकर में तकनीकी खराबी तो नहीं थी। चालक से भी पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, टैंकर के कागजात, फिटनेस और परमिट की भी जांच की जाएगी। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि टैंकर से ऊंची-ऊंची लपटें उठ रही हैं और आसपास खड़े लोग दूरी बनाकर खड़े हैं। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
बड़ा हादसा टला
हालांकि यह हादसा बेहद खतरनाक था, लेकिन राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। यदि आग आसपास के रिहायशी इलाकों या अन्य वाहनों तक फैल जाती तो स्थिति और भयावह हो सकती थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर अक्सर तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं। प्रशासन से मांग की गई है कि इस क्षेत्र में नियमित रूप से यातायात निगरानी और सुरक्षा जांच अभियान चलाया जाए।
कौशाम्बी में हुआ यह हादसा एक चेतावनी है कि ज्वलनशील पदार्थों की ढुलाई के दौरान विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। वाहन की तकनीकी जांच, चालक की सतर्कता और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन ही ऐसे हादसों को रोक सकता है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की तत्परता से आग पर काबू पा लिया गया है और स्थिति सामान्य है, लेकिन इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। हाईवे पर गुजरने वाले लोगों के लिए यह दृश्य किसी खौफनाक मंजर से कम नहीं था।
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