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Doctors Safety Initiative : कानपुर में डॉक्टरों की सुरक्षा और पुलिस-डॉक्टर समन्वय को लेकर आयोजित अहम गोष्ठी

कानपुर शहर में डॉक्टरों की सुरक्षा और आपातकालीन समन्वय को लेकर पुलिस और डॉक्टरों के बीच एक महत्वपूर्ण पहल की गई।


कानपुर पुलिस आयुक्त कार्यालय स्थित सभागार में आयोजित इस गोष्ठी में शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों के डॉक्टरों ने भाग लिया।

गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य था डॉक्टरों को सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर जागरूक करना और पुलिस व चिकित्सा पेशेवरों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना।


पुलिस ने सुरक्षा उपायों और आपातकालीन प्रक्रियाओं पर जानकारी दी

गोष्ठी में पुलिस अधिकारियों ने डॉक्टरों को विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी। इसमें शामिल थे:

  • अस्पतालों में सुरक्षा बढ़ाने के उपाय

  • साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव

  • महिला हेल्प डेस्क की भूमिका और प्रक्रिया

  • आपात स्थिति में पुलिस सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया

पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि शहर के सभी चिकित्सा संस्थानों और अस्पतालों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर सहयोग किया जाएगा।
इससे डॉक्टर बिना किसी भय के अपने पेशेवर कर्तव्यों का पालन कर सकेंगे।

गोष्ठी में उपस्थित डॉक्टरों ने खुलकर अपनी समस्याएं प्रस्तुत की। प्रमुख मुद्दे थे:

  • शहर में अक्सर ट्रैफिक जाम के कारण आपातकालीन सेवाओं में देरी

  • अवैध रूप से संचालित एम्बुलेंस और उनकी व्यवस्थित नीतियों की कमी

  • अस्पतालों के आसपास अव्यवस्थित पार्किंग और ट्रैफिक समस्या

  • आपात सेवाओं में आने वाली चुनौतियां, जैसे समय पर मरीज पहुंचाना

इन मुद्दों पर पुलिस ने गंभीरता से ध्यान दिया और कहा कि संबंधित विभागों के साथ मिलकर समाधान जल्द उपलब्ध कराए जाएंगे।

पुलिस आयुक्त ने गोष्ठी में उपस्थित डॉक्टरों को संबोधित करते हुए कहा:

“डॉक्टर समाज और शहर की रीढ़ हैं। उनकी सुरक्षा, सुविधाएं और सहयोग हमारी प्राथमिकता है। किसी भी आपात स्थिति में पुलिस हर संभव मदद करेगी। हम चाहते हैं कि डॉक्टर निडर होकर अपनी सेवाएं दे सकें।”

उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस-डॉक्टर समन्वय को मजबूत करने के लिए नियमित बैठकें और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।

इस गोष्ठी ने डॉक्टरों और पुलिस के बीच विश्वास और समन्वय का एक नया मॉडल स्थापित किया।
डॉक्टरों ने भी यह आश्वासन दिया कि वे अपनी समस्याओं को खुलकर साझा करेंगे और पुलिस के सुझावों के अनुसार सुरक्षा उपायों का पालन करेंगे।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे समन्वय प्रयासों से न केवल डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि मरीजों तक आपातकालीन सेवाएं तेजी से और व्यवस्थित रूप से पहुंचेंगी।

कानपुर में आयोजित यह गोष्ठी एक महत्वपूर्ण कदम है, जो दिखाता है कि सुरक्षा, पेशेवर जिम्मेदारी और प्रशासनिक सहयोग का तालमेल किस तरह से शहर में स्वास्थ्य सेवाओं को सुरक्षित और प्रभावी बना सकता है।
इस पहल से यह स्पष्ट संदेश गया कि डॉक्टरों की सुरक्षा, सुविधा और सहयोग प्रशासन की प्राथमिकता में सबसे ऊपर है।

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