कानपुर देहात। जनपद कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के झींझक कस्बे में रविवार देर शाम एक ऐसा दर्दनाक मामला सामने आया जिसने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया। एक निजी विद्यालय के शिक्षक ने अपने ही स्कूल के छात्र पर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इस वारदात के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश दोनों फैल गया है।

पीड़ित छात्र की पहचान और पारिवारिक पृष्ठभूमि
मृतक छात्र की पहचान सौरभ पाल (17 वर्ष) पुत्र सुभाष पाल, निवासी वार्ड नंबर-14, अंबेडकर नगर, झींझक के रूप में हुई है। सौरभ स्थानीय निजी विद्यालय में कक्षा 11 का छात्र था। वह अपनी बड़ी बहन रुचि पाल के साथ झींझक कस्बे में किराए के मकान में रहकर पढ़ाई करता था।
परिजनों के अनुसार सौरभ एक मेधावी छात्र था और उसका सपना इंजीनियर बनने का था। उसका किसी से कोई विवाद नहीं था, जिससे यह घटना और भी रहस्यमय बन गई है।
घटना का भयावह विवरण — स्कूल के पास बुलाकर किया हमला
रविवार शाम लगभग 6 बजे के आसपास, झींझक कस्बे के किड्स इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ाने वाला शिक्षक अनूप सिंह, निवासी काकोरी (लखनऊ) ने सौरभ को स्कूल के पास स्थित पीपल के पेड़ के नीचे बुलाया।
परिजनों का आरोप है कि अनूप सिंह पहले से ही वहां घात लगाए बैठा था। जैसे ही सौरभ वहां पहुंचा, शिक्षक ने बिना कुछ बोले उसकी गर्दन पर चाकू से वार कर दिया।
घटना इतनी अचानक हुई कि सौरभ कुछ समझ ही नहीं पाया। हमला करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
जान बचाने की कोशिश, लेकिन नहीं बच सका जीवन
गंभीर रूप से घायल सौरभ खून से लथपथ हालत में अपनी जान बचाने के लिए भागा और पास ही स्थित करियाझाला पेट्रोल पंप की ओर दौड़ा। वहां मौजूद लोगों ने जब उसे खून से सना देखा तो तुरंत उसकी बहन को सूचना दी।
बहन रुचि पाल और आसपास के लोगों ने सौरभ को तुरंत सीएचसी झींझक (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) पहुंचाया। वहां डॉ. धीरेंद्र सिंह ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन स्थिति नाजुक होने के कारण उसे जिला अस्पताल औरैया रेफर कर दिया गया।
दुर्भाग्यवश इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इलाके में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात
घटना की जानकारी मिलते ही मंगलपुर थाना प्रभारी महेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। थोड़ी ही देर में क्षेत्राधिकारी (सीओ) भी मौके पर पहुंचे। झींझक चौकी पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की।
हत्या की खबर फैलते ही झींझक कस्बे में तनाव का माहौल बन गया। लोगों ने आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने एहतियातन पूरे इलाके में भारी फोर्स तैनात कर दी है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच की दिशा
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही आरोपी शिक्षक अनूप सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
क्षेत्राधिकारी ने बताया कि आरोपी शिक्षक वारदात के बाद फरार है, जिसकी तलाश के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रैकिंग शुरू कर दी है और झींझक से लेकर काकोरी (लखनऊ) तक उसके ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
प्रारंभिक जांच में हत्या के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है, लेकिन पुलिस व्यक्तिगत रंजिश या किसी पुरानी कहासुनी की आशंका से इनकार नहीं कर रही।
स्कूल प्रशासन पर भी उठे सवाल
घटना के बाद स्कूल प्रशासन की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि यदि शिक्षक और छात्र के बीच पहले से किसी तरह का विवाद था, तो स्कूल प्रबंधन को इसकी जानकारी क्यों नहीं थी।
पुलिस ने स्कूल के प्रबंधक और अन्य शिक्षकों से पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही स्कूल परिसर और आसपास लगे CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों का सुराग मिल सके।
परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल
सौरभ के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मृतक की बहन रुचि पाल का रो-रोकर बुरा हाल है। उसने बताया कि “भाई शाम को यह कहकर गया था कि सर बुला रहे हैं, जल्दी लौट आऊंगा।”
लेकिन कुछ ही मिनट बाद पड़ोसियों से फोन आया कि सौरभ पर किसी ने हमला कर दिया है। परिजनों ने शिक्षक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश — नारेबाजी और धरने की चेतावनी
वारदात के बाद सैकड़ों लोग झींझक थाने और अस्पताल के बाहर जमा हो गए। लोगों ने आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी की मांग करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपी को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे स्कूल के बाहर धरना देंगे।
पुलिस अधिकारियों का बयान
क्षेत्राधिकारी (सीओ) ने बताया —
“यह अत्यंत संवेदनशील मामला है। आरोपी शिक्षक अनूप सिंह की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें लगी हैं। हत्या के कारणों का जल्द खुलासा किया जाएगा। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।”
थाना प्रभारी ने कहा कि “पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है — व्यक्तिगत दुश्मनी, मानसिक स्थिति या किसी विवाद को लेकर हत्या हुई, यह सब सामने आने पर बताया जाएगा।”
समाज में आक्रोश और भय
इस घटना ने पूरे जिले में भय और आक्रोश दोनों फैला दिए हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि एक शिक्षक, जो बच्चों का मार्गदर्शक होता है, वह इस हद तक कैसे पहुंच गया कि उसने अपने ही छात्र की जान ले ली।
शिक्षा जगत के लोगों ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ उदाहरणात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी शिक्षक इस प्रकार का कदम उठाने की हिम्मत न करे।
संवेदनशील माहौल में पुलिस की चौकसी
झींझक कस्बे में फिलहाल माहौल संवेदनशील बना हुआ है। हर मुख्य मार्ग और विद्यालय क्षेत्र में पुलिस बल तैनात है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
निष्कर्ष — शिक्षा की पवित्रता पर सवाल
यह दर्दनाक घटना न केवल एक परिवार की बर्बादी की कहानी है, बल्कि समाज को यह सोचने पर मजबूर करती है कि जब शिक्षक ही हिंसक हो जाए, तो बच्चों की सुरक्षा कहां बचेगी।
सौरभ पाल की मौत ने झींझक ही नहीं, पूरे कानपुर देहात को झकझोर दिया है। अब सबकी नजरें पुलिस की कार्रवाई और न्याय की दिशा में टिकी हैं।
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