रिपोर्ट: विकास सिंह राठौड़
स्थान: कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश
कानपुर नगर के थाना सचेड़ी क्षेत्र के ग्राम अलमापुर से प्रशासनिक लापरवाही, अवैध कब्जे और दबंगई का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां सरकारी नाले को पाटकर मकान और प्लॉट काटने का आरोप लगाया गया है, जिसके कारण पूरे गांव में जल निकासी की समस्या उत्पन्न हो गई है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि नाला बंद होने से घरों का पानी सड़कों पर फैल रहा है और ग्रामीणों का जीवन दूभर हो गया है। विरोध करने पर दबंगों द्वारा गाली-गलौज, धमकी और डराने-धमकाने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
पीड़ित अजय प्रजापति ने सचेड़ी थाने में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। मामले के सामने आने के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और पीड़ित परिवार भय के साए में जीने को मजबूर है।
सरकारी नाले पर अवैध कब्जे का आरोप
अजय प्रजापति, निवासी ग्राम अलमापुर, ने बताया कि उनके घर और आसपास के कई मकानों का पानी पिछले लगभग 30 वर्षों से सड़क किनारे बने सरकारी नाले से निकलता था। यह नाला ग्राम समाज की जमीन पर बना हुआ था और पूरे मोहल्ले की जल निकासी का मुख्य साधन था।
पीड़ित के अनुसार गांव के कुछ दबंग लोगों ने जेसीबी मशीन लगवाकर नाले को पूरी तरह से तुड़वा दिया और उसे मिट्टी डालकर बंद कर दिया। आरोप है कि नाले के ऊपर अवैध रूप से प्लॉट काटकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि नाले के बंद होने से बारिश और घरेलू पानी सड़क पर जमा होने लगा है, जिससे गंदगी, बदबू और बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है।
प्रॉपर्टी डीलिंग के लिए काटे गए प्लॉट
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ प्रॉपर्टी डीलरों ने ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा कर प्लॉटिंग शुरू कर दी है। जल निकासी के लिए बने पुराने सरकारी नाले को जानबूझकर पाट दिया गया ताकि जमीन समतल कर प्लॉट बेचे जा सकें।
ग्रामीणों के अनुसार यह कार्य बिना प्रशासनिक अनुमति के किया गया, जिससे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि यह नाला वर्षों से गांव की जरूरत रहा है और इसे खत्म करना पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर समस्या बन गया है।
विरोध करने पर मिली जान से मारने की धमकी
पीड़ित अजय प्रजापति ने बताया कि जब उन्होंने और अन्य ग्रामीणों ने 17 फरवरी 2026 को नाला खोलने की कोशिश की, तब गांव के दबंग संजय यादव, उनके बेटे गोलू यादव और रोहित यादव ने उन्हें रोक लिया।
आरोप है कि तीनों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों पर पहले से ही गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं, जिसके कारण गांव के लोग उनका विरोध करने से डरते हैं।
बाहरी लोगों को बुलाकर डराने का आरोप
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि दबंगों ने रात के समय बाहरी लोगों को बुलाया, जो डिजायर कार से गांव पहुंचे। इन लोगों ने भी गाली-गलौज करते हुए परिवार को धमकाया।
घटना का कुछ हिस्सा पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद होने का दावा किया गया है। पीड़ित का कहना है कि फुटेज में कुछ लोगों की पहचान हो चुकी है, जबकि अन्य अज्ञात हैं।
रोजाना शराब पीकर करते हैं उत्पात
अजय प्रजापति के अनुसार आरोपी अक्सर शाम के समय शराब पीकर उनके घर के पास आते हैं और गाली-गलौज व धमकी देते हैं। उन्होंने बताया कि कई घटनाओं के वीडियो उनके पास मौजूद हैं, जिन्हें पुलिस को सौंपा जाएगा।
परिवार का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण महिलाएं और बच्चे भयभीत हैं और सामान्य जीवन जीना मुश्किल हो गया है।
जलभराव से ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
नाले के बंद होने से गांव में जलभराव की समस्या गंभीर हो गई है। सड़कों पर गंदा पानी जमा होने से लोगों का निकलना मुश्किल हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो गर्मियों और बरसात में स्थिति और खराब हो सकती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल नाला खुलवाने और अवैध कब्जे हटाने की मांग की है।
पुलिस से लगाई न्याय की गुहार
पीड़ित ने थाना सचेड़ी में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार शिकायत प्राप्त हो गई है और मामले की जांच की जा रही है। आवश्यक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक कार्रवाई की उठी मांग
गांव के लोगों का कहना है कि यदि सरकारी जमीन और नालों पर अवैध कब्जा नहीं रोका गया तो भविष्य में और समस्याएं उत्पन्न होंगी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर अवैध निर्माण हटाने की मांग की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था से छेड़छाड़ करना न केवल अवैध है बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है।
भय और असुरक्षा का माहौल
लगातार विवाद और धमकियों के कारण पीड़ित परिवार मानसिक तनाव में है। परिवार का कहना है कि उन्हें किसी भी समय हमले का डर बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।
निष्कर्ष
कानपुर नगर के अलमापुर गांव का यह मामला केवल एक नाले के बंद होने का नहीं, बल्कि सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जे, दबंगई और ग्रामीणों की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े अधिकारों का मुद्दा बन चुका है। अब देखना होगा कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करते हैं और पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।
फिलहाल गांव के लोग समाधान की उम्मीद लगाए प्रशासन की ओर देख रहे हैं।
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