कन्नौज से एक दिल छू लेने वाली खबर सामने आई है।

छिबरामऊ विकासखंड क्षेत्र के प्रेमपुर में NH-34 के किनारे टडा गांव के पास एक घायल गाय पिछले 15 दिनों से तड़पती हुई मिली। अंतर्राष्ट्रीय हिंदू शक्ति सेना के राष्ट्रीय संयोजक रंजीत पांडेय और उनकी टीम ने मौके पर पहुंचकर गाय का उपचार कराया और स्थानीय प्रशासन को भी सूचना दी।
जानकारी के अनुसार, यह गाय करीब 15 दिन पहले NH-34 पर किसी अज्ञात वाहन की टक्कर का शिकार हुई थी। ग्रामीण राम सेवक ने बताया कि उन्होंने इतने दिनों तक गाय की देखभाल की, लेकिन स्थानीय प्रशासन और ग्राम प्रधान पुष्पेंद्र कुमार से कोई मदद नहीं मिली।
इसके बाद, किसी व्यक्ति ने गौ सेवक रंजीत पांडेय को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही रंजीत पांडेय अपनी टीम के साथ प्रेमपुर NH-34 के किनारे टडा गांव पहुंचे।
मौके पर पहुँचने के बाद रंजीत पांडेय ने फोन पर ग्राम प्रधान पुष्पेंद्र कुमार से संपर्क किया। प्रारंभ में प्रधान ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं थी, लेकिन थोड़ी देर बाद वह स्वयं भी मौके पर पहुंचे।
रंजीत पांडेय ने तुरंत पशु चिकित्सक को सूचना दी, जो मौके पर पहुँचकर घायल गाय का उपचार करने लगे।
इस दौरान अंतर्राष्ट्रीय हिंदू शक्ति सेना गौरक्षा प्रकल्प के टीम सदस्य जैसे अनुज दुबे, जय दुबे, अमित ठाकुर, कृष्णा पांडेय, शानू, अंशु सक्सेना, दीपांशु, अरुण राजपूत, देव कुमार, विकास यादव और सत्यम ठाकुर सहित कई कार्यकर्ता मौके पर मौजूद थे। उन्होंने गाय के उपचार और आसपास के प्रबंधन में सहयोग प्रदान किया।
रंजीत पांडेय ने कहा —
“गाय हमारे समाज और संस्कृति का अहम हिस्सा हैं। घायल अवस्था में मिली इस गाय की सेवा करना हमारी प्राथमिकता थी। हम हर संभव प्रयास करेंगे कि ऐसे जख्मी पशुओं का समय पर उपचार हो सके।”
“हमें शुरुआत में इस घटना की जानकारी नहीं थी। जानकारी मिलने के तुरंत बाद मैं मौके पर पहुंचा और टीम के साथ मिलकर उपचार में सहयोग किया। भविष्य में हम इस तरह की घटनाओं में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।”
ग्रामीण राम सेवक ने कहा कि उन्होंने इतने दिनों तक घायल गाय की देखभाल की, लेकिन टीम और रंजीत पांडेय के आने से गाय को सही समय पर उपचार मिल पाया। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे प्रयास से गांव में पशु कल्याण और जागरूकता बढ़ेगी।
कन्नौज के प्रेमपुर में NH-34 के किनारे घायल गाय का उपचार न केवल पशु कल्याण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है, बल्कि स्थानीय प्रशासन और गौरक्षा प्रकल्प टीम के सहयोग से यह दिखाता है कि समाज में पशु सेवा के लिए लोगों का सहयोग महत्वपूर्ण है। इस घटना से ग्रामीणों में पशु कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ी है और घायल जानवरों की सेवा के प्रति एक नया संदेश गया।
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