Thursday , March 19 2026

Kannauj Urs Celebration : ख्वाजा गरीब नवाज़ के उर्स में अमन की दुआएं

कन्नौज में ख्वाजा गरीब नवाज़ के 814वें उर्स की धूम, अमन और भाईचारे की मिसाल, लंगर में उमड़ा जनसैलाब

कन्नौज जिले के छिबरामऊ नगर में इस्लामी आस्था और गंगा-जमुनी तहजीब का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब पूरे श्रद्धा और अकीदत के साथ हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह (ख्वाजा गरीब नवाज़) का 814वां वार्षिक उर्स मनाया गया। इस मौके पर नगर का माहौल पूरी तरह सूफियाना रंग में रंग गया। हर ओर अमन, मोहब्बत और इंसानियत का संदेश गूंजता रहा।

छिबरामऊ में आयोजित इस उर्स ने धार्मिक एकता की मिसाल पेश की। नगर की सौ सैया अस्पताल रोड, जामा मस्जिद, मखदूम शाह दरगाह परिसर समेत कई स्थानों पर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। सुबह की नमाज के बाद फातिहा और कुरानखानी के साथ उर्स की शुरुआत हुई।

अंजुमन मुस्लिम कमेटी के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम में हाफिज मुजीब साहब ने तिलावत-ए-कुरान करते हुए देश में अमन, भाईचारा और तरक्की की दुआ मांगी। उन्होंने कहा कि ख्वाजा साहब का संदेश केवल मुसलमानों के लिए नहीं बल्कि पूरी इंसानियत के लिए है।

हर साल की तरह इस बार भी सौ सैया अस्पताल रोड पर विशाल लंगर का आयोजन किया गया। यह लंगर दोपहर 12 बजे से शाम 7 बजे तक लगातार चलता रहा।

लंगर में चने की दाल, रोटी और दलिया का वितरण किया गया। सबसे खास बात यह रही कि यहां हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के हजारों लोगों ने एक साथ बैठकर भोजन किया।
यह दृश्य गंगा-जमुनी तहजीब की सच्ची झलक पेश कर रहा था।

लंगर वितरण में बड़ी संख्या में युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया। महिलाएँ और बच्चे भी उत्साह से कार्यक्रम में शामिल हुए। लंगर स्थल पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए अंजुमन कमेटी के स्वयंसेवक और स्थानीय पुलिस टीम भी मुस्तैद रही।

कार्यक्रम के दौरान अंजुमन कमेटी के सदर मोहम्मद जाहिद चिश्ती ने कहा,

“ख्वाजा गरीब नवाज़ रहमतुल्लाह अलैह ने 800 साल पहले इंसानियत, मोहब्बत और अमन का जो पैगाम दिया था, वही आज भी लोगों के दिलों में बसता है। उनके दर से कोई खाली नहीं जाता। उनके उर्स का मकसद यही है कि इंसान आपसी नफरत छोड़कर मोहब्बत का रास्ता अपनाए।”

उन्होंने आगे कहा —

“होके मायूस तेरे दर से कोई सवाली न गया,
झोलियां भर गई सबकी मगर तेरे दर से कोई खाली न गया।”

यह शेर जैसे ही उन्होंने सुनाया, पूरा माहौल भावनाओं से भर उठा और उपस्थित लोगों ने “हुजूर ख्वाजा गरीब नवाज़ जिंदाबाद” के नारे लगाए।

कार्यक्रम में शामिल लोगों ने बताया कि इस तरह के आयोजन धर्म और जाति से ऊपर उठकर समाज में प्रेम और एकता का संदेश देते हैं।
कई स्थानीय हिंदू परिवारों ने भी लंगर सेवा में योगदान दिया। युवाओं ने इसे धार्मिक सद्भाव का त्योहार बताया।

उर्स में बड़ी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने भी सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए थे। जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो सके। नगर पालिका द्वारा सफाई और पानी की पर्याप्त व्यवस्था भी की गई।

ख्वाजा गरीब नवाज़ के 814वें उर्स ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भारत की असली ताकत उसकी गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारा है।
कार्यक्रम में सभी ने देश में शांति, तरक्की और भाईचारे की दुआएं मांगीं और प्रण लिया कि वे ख्वाजा साहब की बताई राह पर चलेंगे।

Check Also

awareness against child marriage-औरैया में प्रशासन की कार्रवाई, नाबालिग लड़का-लड़की की शादी रुकवाई

उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां प्रशासन की …