प्रस्तावना — फरारी से गिरफ्तारी तक की कहानी
कन्नौज जिले में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए उस अपराधी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी फरारी ने पूरे जिले की पुलिस को कई दिनों तक सतर्क रखा था। जिला कारागार कन्नौज से 5 जनवरी 2026 को फरार हुए दो आरोपियों में से एक डंपी उर्फ शिवा को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को गोली लगने के बाद घायल अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

यह गिरफ्तारी केवल एक फरार कैदी की वापसी नहीं, बल्कि कन्नौज पुलिस की रणनीतिक कार्यवाही, त्वरित प्रतिक्रिया और खुफिया नेटवर्क की सफलता की कहानी है। इस ऑपरेशन ने न केवल जिले की कानून-व्यवस्था को मजबूती दी है बल्कि फरार अपराधियों के लिए भी सख्त संदेश छोड़ा है।
घटना की पृष्ठभूमि — जेल से फरारी का दिन
5 जनवरी 2026 की सुबह कन्नौज जिला कारागार से दो आरोपी — डंपी उर्फ शिवा और उसके साथी — रहस्यमय तरीके से फरार हो गए थे।
दोनों पर गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे चल रहे थे, जिनमें डकैती, हत्या के प्रयास, अवैध हथियार रखने और चोरी जैसे मामले शामिल थे।
फरारी के बाद जेल प्रशासन पर गंभीर सवाल उठे। शुरुआती जांच में सुरक्षा में चूक की बात सामने आई।
पुलिस ने फरारी के तुरंत बाद जिलेभर में अलर्ट जारी किया, बॉर्डर इलाकों की नाकेबंदी की गई, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर जांच अभियान चलाया गया।
इनाम के तौर पर दोनों फरार आरोपियों पर ₹25,000-₹25,000 का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस की ट्रैकिंग — खुफिया इनपुट से मिली सफलता
पिछले कुछ दिनों से पुलिस की कई टीमें फरार अपराधियों की तलाश में अलग-अलग जिलों में दबिश दे रही थीं।
एसपी कन्नौज ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम गठित की, जिसमें गुरसहायगंज कोतवाली पुलिस, सर्विलांस टीम और एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) को शामिल किया गया।
खुफिया विभाग को सूचना मिली कि फरार आरोपी डंपी उर्फ शिवा को गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के मुरादगंज क्रॉसिंग के पास तारा बगिया इलाके में देखा गया है।
पुलिस ने तुरंत इलाके की घेराबंदी की और संदिग्ध मूवमेंट पर नज़र रखी।
मुठभेड़ का घटनाक्रम — पल दर पल की कहानी
शनिवार की सुबह लगभग 5:30 बजे, पुलिस ने तारा बगिया के पास सड़क किनारे एक संदिग्ध बाइक को रोकने का प्रयास किया।
जैसे ही पुलिस ने नज़दीक पहुंचने की कोशिश की, बाइक सवार ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें एक गोली आरोपी के बाएं पैर में जा लगी।
घायल अवस्था में आरोपी को मौके पर ही पुलिस ने काबू में कर लिया।
मुठभेड़ स्थल से एक तमंचा, दो जिंदा कारतूस, और एक खाली खोखा बरामद हुआ।
पुलिस ने तुरंत उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
अपराधी डंपी उर्फ शिवा का आपराधिक रिकॉर्ड
सूत्रों के अनुसार, डंपी उर्फ शिवा पर अब तक दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज हैं।
उसके खिलाफ हत्या का प्रयास, लूट, चोरी, अवैध हथियार रखने और पुलिस पर हमला करने जैसे गंभीर अपराधों के मुकदमे चल रहे हैं।
वह लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय रहा है और स्थानीय स्तर पर गैंग के सदस्य के रूप में काम करता था।
जेल से फरार होने की साजिश भी उसने पहले से रची थी।
बताया जा रहा है कि जेल के भीतर उसने कुछ अन्य कैदियों के साथ मिलकर फरार होने की योजना बनाई थी, जिसमें प्रशासन की लापरवाही ने भी अहम भूमिका निभाई।
पुलिस की कार्रवाई — कई टीमें अभी भी सक्रिय
पुलिस ने फरारी के बाद जिले में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया था।
एसपी कन्नौज ने कहा कि,
“फरार अपराधियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया गया था। डंपी उर्फ शिवा की गिरफ्तारी पुलिस की सक्रियता का परिणाम है। अब उसका साथी भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।”
पुलिस ने फरारी में मदद करने वालों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
जांच में पता चला है कि फरार आरोपी ने कुछ परिचितों के घर में पनाह ली थी, जहां से पुलिस को अहम सुराग मिले हैं।
जेल प्रशासन पर उठे सवाल
जेल से फरारी की घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल मच गई थी।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि जेल के वॉच टावर पर तैनात सुरक्षाकर्मी उस वक्त ड्यूटी पर थे, लेकिन संदिग्ध रूप से उन्होंने फरारी की जानकारी देर से दी।
इस मामले में कई जेलकर्मियों से पूछताछ की जा रही है और विभागीय जांच भी शुरू हो चुकी है।
सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जेल सुरक्षा प्रणाली की समीक्षा और सख्त प्रोटोकॉल लागू करने के निर्देश दिए हैं।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद स्थानीय लोग राहत की सांस ले रहे हैं।
लोगों का कहना है कि फरार आरोपी इलाके में सक्रिय हो गया था और कई दिनों से छिपा हुआ था।
मुठभेड़ के बाद लोगों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।
गुरसहायगंज क्षेत्र के निवासी अजय कुमार वर्मा ने कहा —
“पुलिस की तत्परता से लोगों को भरोसा मिला है। फरार अपराधियों से डर का माहौल बन गया था। अब पुलिस की कार्रवाई से सुरक्षा का एहसास हुआ है।”
अस्पताल प्रशासन और मेडिकल रिपोर्ट
जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि डंपी उर्फ शिवा के पैर में गोली लगी है, जिससे काफी खून बहा था, लेकिन उसकी स्थिति नियंत्रण में है।
उसे पुलिस सुरक्षा में रखा गया है और इलाज जारी है।
पुलिस ने अस्पताल में सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो सके।
कानूनी पहलू और आगे की कार्रवाई
पुलिस अब डंपी उर्फ शिवा से पूछताछ कर रही है कि फरारी की साजिश कैसे रची गई और उसका साथी कहां छिपा है।
साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि किसकी मदद से उसने जेल से भागने और छिपने में सफलता पाई।
पुलिस के अनुसार,
“मुठभेड़ में घायल अपराधी से अहम खुलासे की उम्मीद है। फरारी के नेटवर्क और बाहरी सहयोगियों की भी पहचान की जा रही है।”
कन्नौज में हुई यह मुठभेड़ एक बार फिर साबित करती है कि कानून से कोई नहीं बच सकता।
पुलिस की सूझबूझ, खुफिया काम और सटीक रणनीति ने इस ऑपरेशन को सफल बनाया।
एसपी कन्नौज ने कहा कि,
“पुलिस किसी भी कीमत पर अपराधियों को बख्शेगी नहीं। फरार आरोपी का साथी भी जल्द गिरफ्तार होगा।”
यह पूरी घटना न केवल कन्नौज बल्कि प्रदेश की कानून व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनी है।
फरार अपराधियों के खिलाफ पुलिस का यह सख्त रुख आने वाले दिनों में अपराधियों के मन में भय पैदा करेगा।
Hind News 24×7 | हिन्द न्यूज़ Latest News & Information Portal