उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले से बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। जिला जेल से कैदी फरार होने के मामले में जांच अधिकारी बनाए गए डीआईजी जेल प्रदीप गुप्ता खुद कन्नौज जिला जेल पहुंचे और पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। डीआईजी के इस औचक निरीक्षण से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
डीआईजी जेल प्रदीप गुप्ता ने जिला जेल परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बैरक, जेल की चारदीवारी, मुख्य द्वार और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसके साथ ही उन्होंने जेल में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की स्थिति को भी खुद चेक किया और रिकॉर्डिंग सिस्टम की जांच की।
निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने साफ तौर पर माना कि कैदी के फरार होने में बड़ी लापरवाही सामने आई है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक जांच में सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां पाई गई हैं, जिनका फायदा उठाकर कैदी जेल से भागने में सफल रहा।
डीआईजी प्रदीप गुप्ता ने जेल अधिकारियों और कर्मचारियों से अलग-अलग बिंदुओं पर पूछताछ भी की। उन्होंने यह भी देखा कि ड्यूटी पर तैनात स्टाफ उस समय कहां था और किस स्तर पर चूक हुई। साथ ही सीसीटीवी फुटेज के जरिए घटनाक्रम को समझने की कोशिश की गई।
प्रदीप गुप्ता, डीआईजी जेल
“जिला जेल से कैदी का फरार होना गंभीर मामला है। जांच में लापरवाही सामने आई है। जो भी अधिकारी या कर्मचारी इस मामले में जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
डीआईजी ने जेल प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही फरार कैदी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस और जेल विभाग के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
फिलहाल डीआईजी जेल द्वारा की जा रही जांच से यह साफ हो गया है कि जिला जेल में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं। अब देखना यह होगा कि जांच पूरी होने के बाद किन अधिकारियों पर कार्रवाई होती है और फरार कैदी को कब तक गिरफ्तार किया जाता है।
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