Tuesday , February 3 2026

Kannauj Farmers Fair : चौधरी चरण सिंह जयंती पर किसान मेला, किसानों को दी गई सरकारी योजनाओं की जानकारी

देश के पूर्व प्रधानमंत्री और किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह की जयंती के अवसर पर आज कन्नौज कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर में एक भव्य किसान मेला और जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देना, आधुनिक कृषि तकनीकों से परिचित कराना और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत जिलाधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा चौधरी चरण सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई। इसके बाद उपस्थित सभी किसानों और अधिकारियों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। जिलाधिकारी ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने अपना पूरा जीवन किसानों के उत्थान और अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित किया, और उनका जीवन हर किसान के लिए प्रेरणास्रोत है।

कलेक्ट्रेट परिसर में लगे किसान मेले में कृषि, पशुपालन, उद्यान, सिंचाई, सहकारिता, मत्स्य पालन और ग्रामीण विकास विभाग की ओर से स्टॉल लगाए गए।
इन स्टॉलों पर किसानों को उन्नत बीज, आधुनिक कृषि उपकरण, फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्राकृतिक खेती, सॉयल हेल्थ कार्ड, जैविक खाद और नवीन सिंचाई तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

कई किसानों ने मौके पर ही सरकारी योजनाओं के फार्म भरकर उनका लाभ उठाने की प्रक्रिया शुरू की। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को बताया कि कैसे सरकारी योजनाओं का सही उपयोग कर वे अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से संवाद स्थापित किया। किसानों ने बिजली, सिंचाई, बीज और खाद की कमी, तथा फसल बीमा भुगतान में देरी जैसी समस्याएं रखीं। जिलाधिकारी ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए त्वरित समाधान का आश्वासन दिया और कहा कि हर समस्या पर विभागीय समीक्षा बैठक कर कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा —

“चौधरी चरण सिंह का जीवन हमें यह सिखाता है कि किसान सिर्फ अन्नदाता ही नहीं, बल्कि देश की रीढ़ हैं। जब तक किसान मजबूत नहीं होंगे, तब तक राष्ट्र की प्रगति अधूरी रहेगी।”

उन्होंने आगे कहा कि सरकार किसानों की भलाई के लिए अनेक योजनाएं चला रही है, और यह आवश्यक है कि हर किसान इन योजनाओं की जानकारी लेकर आर्थिक रूप से सशक्त बने।

कृषि अधिकारी ने बताया कि अब जिले में प्राकृतिक खेती, ड्रिप सिंचाई और फसल विविधीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि उत्पादन लागत घटे और मुनाफा बढ़े।

मेले में बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। उन्होंने विभागीय प्रदर्शनों में गहरी रुचि दिखाई और नई तकनीकों की जानकारी ली। किसानों का कहना था कि ऐसे आयोजन ज्ञानवर्धक और लाभकारी हैं, क्योंकि यहां उन्हें सीधे विभागीय अधिकारियों से संवाद का अवसर मिलता है।

इस कार्यक्रम ने चौधरी चरण सिंह के जीवन और विचारों को एक बार फिर किसानों के बीच जीवंत कर दिया। उनके “जय जवान, जय किसान” के नारे की गूंज पूरे परिसर में सुनाई दी।

कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि किसानों को सिर्फ पारंपरिक खेती तक सीमित न रहकर नई तकनीक, शिक्षा और मार्केटिंग के माध्यम से आगे बढ़ना चाहिए।

कन्नौज में आयोजित यह किसान मेला सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक प्रेरणा और मार्गदर्शन का मंच साबित हुआ। चौधरी चरण सिंह की जयंती पर यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि उनके विचार आज भी भारतीय कृषि व्यवस्था के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके समय में थे।

Check Also

Sunlight Controls Diabetes : धूप से डायबिटीज पर लगाम: सूरज की रोशनी बनी सेहत की नैचुरल दवा

नई दिल्ली।डायबिटीज आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई बीमारियों में से एक है। …