कन्नौज जिले के छिबरामऊ विकासखंड की ग्राम पंचायत रामपुर हृदय में जलापूर्ति योजना की बदहाल स्थिति ग्रामीणों के लिए बड़ी चिंता का कारण बन गई है। करीब तीन साल पहले इस गांव में नलकूप खुदाई का कार्य पूरा हो गया था, लेकिन टंकी आधी-अधूरी है और पानी की नियमित आपूर्ति आज तक शुरू नहीं हो पाई है।

ग्रामीणों का कहना है कि गर्मियों में पानी की स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। लोगों को अपने घरों के लिए टैंकर का इंतजाम करना पड़ता है या पड़ोसी गांवों से पानी लाना पड़ता है। छोटे बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं खासकर इस कमी से अत्यधिक प्रभावित हैं।
ग्रामीणों की शिकायतें और प्रशासन की उदासीनता
ग्रामीणों ने बताया कि नलकूप लगने के बाद से पानी की सप्लाई केवल दो बार ही हुई है। इसके अलावा गांव की मुख्य पाइपलाइन एक जगह से फट गई है, जिसकी मरम्मत अब तक नहीं कराई गई। ग्रामीणों ने कई बार लिखित और मौखिक रूप से ब्लॉक, तहसील और संबंधित अधिकारियों के पास अपनी समस्या पहुंचाई, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीणों की ओर से बताया गया कि कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद नलकूप और पाइपलाइन की स्थिति जस की तस बनी हुई है। उनका कहना है कि सरकारी योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रह जाती हैं, जबकि उनका वास्तविक लाभ आम जनता तक नहीं पहुँचता।
विरोध प्रदर्शन और ग्रामीणों की मांग
सोमवार को ग्रामीणों ने अपनी आवाज बुलंद की और जिला पंचायत सदस्य संदीप यादव के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि नलकूप और टंकी को तुरंत functional किया जाए और पाइपलाइन की मरम्मत कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।
संदीप यादव ने कहा, “तीन साल पहले यह योजना बनाई गई थी, लेकिन अभी तक इसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिला। यह बेहद चिंता का विषय है। प्रशासन को तुरंत कार्यवाही करनी चाहिए और ग्रामीणों की मूलभूत जरूरतों को पूरा करना सुनिश्चित करना चाहिए।”
समस्या की सामाजिक और तकनीकी जड़ें
विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रामीण जलापूर्ति योजना की इस विफलता का कारण न केवल तकनीकी खामियां हैं बल्कि योजना के रख-रखाव और निगरानी की कमी भी है। टंकी का अधूरा निर्माण, पाइपलाइन का फटना और नलकूप से पानी की अपर्याप्त आपूर्ति इस पूरे क्षेत्र में जल संकट को और बढ़ा रही है।
स्थानीय प्रशासन की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ग्रामीण लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे हैं और आश्वस्त हैं कि अगर समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो विरोध प्रदर्शन और तेज हो सकते हैं।
रामपुर हृदय ग्राम पंचायत की यह स्थिति उस बड़ी चुनौती को दर्शाती है, जहां सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन और रख-रखाव में कमी सीधे आम जनता के जीवन को प्रभावित करती है। तीन साल पहले शुरू की गई जलापूर्ति योजना आज भी ग्रामीणों के लिए केवल एक अधूरी उम्मीद बनी हुई है।
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