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Kali Sarkar Arrest : झांसी में गिरफ्तार हुआ काली सरकार, बाबा के भेष में छिपा लूट का आरोपी वर्षों बाद पकड़ा गया

झांसी में पकड़ा गया ‘काली सरकार’ के नाम से मशहूर बाबा, लूट के मामले में वर्षों से था फरार

झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने धार्मिक आस्था और अपराध के बीच छिपे धोखे को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। मऊरानीपुर क्षेत्र के कुरैंचा गांव स्थित काली माता मंदिर में ‘काली सरकार’ के नाम से दिव्य दरबार लगाने वाले एक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान प्रदीप शुक्ला के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर अपनी पहचान बदलकर साधु के वेश में रह रहा था। हरदोई पुलिस को उसकी तलाश कई वर्षों से थी। आरोपी के खिलाफ लूट और मारपीट से जुड़े मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

मंदिर में रहकर लगाता था दिव्य दरबार

पुलिस के अनुसार, आरोपी झांसी के मऊरानीपुर थाना क्षेत्र के कुरैंचा गांव स्थित काली माता मंदिर में रह रहा था। वहां वह सत्यानंद शुक्ला और ‘काली सरकार’ के नाम से जाना जाता था। साधु का वेश धारण कर उसने मंदिर को अपना ठिकाना बना रखा था और वहां दिव्य दरबार भी आयोजित करता था।

इस दौरान उसके पास बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते थे। सोशल मीडिया पर भी उसकी पहचान बनी हुई थी। उसके वीडियो और रील्स इंटरनेट पर साझा किए जाते थे, जिसके कारण वह काफी चर्चित हो गया था।

बीमारियां ठीक करने और समस्याएं दूर करने के करता था दावे

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दरबार में आने वाले लोगों के सामने आरोपी बीमारियां ठीक करने और विभिन्न समस्याओं का समाधान करने जैसे दावे करता था। इन दावों के कारण लोग उसकी ओर आकर्षित होते थे।

बताया गया है कि इंस्टाग्राम पर उसके एक लाख से अधिक फॉलोअर्स थे। सोशल मीडिया पर उसकी लोकप्रियता ने उसकी पहचान को और व्यापक बना दिया था। हालांकि, ऐसे दावों को चिकित्सकीय प्रमाण के बिना सही नहीं माना जा सकता। किसी भी बीमारी के उपचार के लिए योग्य डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

लूट और मारपीट के मामलों में था वांछित

पुलिस के मुताबिक, ‘काली सरकार’ के नाम से पहचाने जाने वाले इस व्यक्ति का असली नाम प्रदीप शुक्ला है और वह हरदोई जिले का रहने वाला है। उसके खिलाफ वर्ष 2014 में लूट और वर्ष 2018 में मारपीट से संबंधित मामला दर्ज होने की जानकारी दी गई है।

बताया गया है कि अदालत में बार-बार पेश नहीं होने के कारण उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया गया था। इसके बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। जांच के दौरान पुलिस को उसके झांसी में होने की सूचना मिली, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की गई।

हरदोई और झांसी पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया

आरोपी के झांसी में छिपे होने की जानकारी मिलने के बाद हरदोई और मऊरानीपुर पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। पुलिस टीम ने कुरैंचा गांव स्थित मंदिर में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

मऊरानीपुर के सीओ रत्नेश्वर सिंह के मुताबिक, आरोपी को हिरासत में लिया गया है और मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब संबंधित मामलों में आगे की प्रक्रिया पूरी कर रही है।

आस्था के नाम पर धोखाधड़ी से रहें सावधान

यह मामला लोगों को सतर्क रहने की जरूरत भी याद दिलाता है। धार्मिक आस्था व्यक्तिगत विश्वास का विषय है, लेकिन किसी व्यक्ति के दावों को बिना जांचे स्वीकार करना नुकसानदेह हो सकता है। बीमारी ठीक करने, चमत्कार से समस्याएं दूर करने या असाधारण शक्तियां होने के दावों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना जरूरी है।

सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स होना भी किसी व्यक्ति के दावों की सत्यता का प्रमाण नहीं है। लोगों को आर्थिक लेन-देन और स्वास्थ्य संबंधी फैसले लेते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

फिलहाल, झांसी में ‘काली सरकार’ के नाम से चर्चित व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद मामला चर्चा में है। पुलिस की आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया से संबंधित मामलों में अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

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