Sunday , February 1 2026

Self Help Group Women Protest -जालौन में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का हंगामा, सीडीपीओ-सुपरवाइजर पर भ्रष्टाचार के आरोप

जालौन से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां डकोर ब्लॉक की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने बाल विकास विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों द्वारा उनसे काम तो पूरा कराया गया, लेकिन इसके बदले मिलने वाली मजदूरी का भुगतान जानबूझकर रोका गया है। आरोपों के घेरे में बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) और सुपरवाइजर हैं, जिन पर भ्रष्टाचार और मनमानी करने के आरोप लगाए गए हैं।

डकोर ब्लॉक की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का कहना है कि उनसे आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पुष्टाहार उठान का कार्य कराया गया। यह कार्य तय नियमों और समय सीमा के भीतर पूरा किया गया, लेकिन महीनों बीत जाने के बावजूद उन्हें उनकी मेहनत की मजदूरी नहीं दी गई। महिलाओं का आरोप है कि जब उन्होंने मजदूरी भुगतान को लेकर संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया, तो उन्हें टालमटोल का सामना करना पड़ा।

पीड़ित महिलाओं का कहना है कि उन्होंने कई बार सीडीपीओ और सुपरवाइजर से अपनी समस्या बताई, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला। किसी भी स्तर पर उनकी शिकायत पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। महिलाओं का यह भी आरोप है कि भुगतान के नाम पर उनसे अतिरिक्त पैसे की मांग की गई, जिससे वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही हैं।

लगातार अनदेखी से आहत होकर स्वयं सहायता समूह की महिलाएं आखिरकार जिलाधिकारी कार्यालय जालौन पहुंचीं और पूरे मामले को लेकर एक लिखित शिकायती पत्र सौंपा। महिलाओं ने शिकायत में स्पष्ट रूप से सीडीपीओ और सुपरवाइजर पर भ्रष्टाचार करने, मजदूरी रोकने और मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

महिलाओं का कहना है कि स्वयं सहायता समूह से जुड़कर वे आत्मनिर्भर बनने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही और भ्रष्टाचार उनकी मेहनत पर पानी फेर रहा है। अगर समय पर मजदूरी नहीं मिली तो उनके सामने परिवार चलाने की गंभीर समस्या खड़ी हो जाएगी।

कुसुम देवी (स्वयं सहायता समूह की महिला)
“हम लोगों से पुष्टाहार उठान का काम कराया गया, लेकिन कई महीनों से हमारी मजदूरी नहीं दी गई। बार-बार अधिकारियों से कहा, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूरी में हमें जिलाधिकारी के पास आना पड़ा।”

महिलाओं द्वारा दी गई शिकायत के बाद प्रशासन की ओर से मामले की जांच का आश्वासन दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और यदि आरोप सही पाए गए तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल स्वयं सहायता समूह की महिलाएं न्याय की आस लगाए बैठी हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन की जांच कितनी निष्पक्ष होती है और पीड़ित महिलाओं को कब तक उनका हक मिल पाता है।

रिपोर्ट: हरिमाधव मिश्र
जनपद: जालौन

Check Also

Anganwadi Recruitment-बलरामपुर में आंगनबाड़ी भर्ती घोटाला, रिश्वत लेते तीन आरोपी गिरफ्तार

जनपद बलरामपुर में आंगनबाड़ी चयन प्रक्रिया के नाम पर रिश्वत मांगने और लेने का गंभीर …