जालौन जनपद के कदौरा हाईवे पर स्थित सार्वजनिक सुलभ शौचालय अब स्थानीय अव्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण बन गया है। शौचालय परिसर और उसके आसपास ठेलेवालों और अस्थायी दुकानों द्वारा कब्जा किए जाने से राहगीरों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

यह सुलभ शौचालय, जिसे यात्रियों की सुविधा के लिए बनाया गया था, अब खुद असुविधा का केंद्र बन चुका है। दुकानों और ठेलों की भरमार ने न केवल शौचालय का रास्ता बंद कर दिया है, बल्कि हाईवे की ट्रैफिक व्यवस्था को भी अस्त-व्यस्त कर दिया है।
घटनास्थल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कदौरा हाईवे पर रिक्शा चालकों और ठेला धारकों ने सड़क किनारे और शौचालय के सामने अवैध कब्जे जमा लिए हैं। नतीजतन, शौचालय तक पहुँचने का रास्ता पूरी तरह बंद हो चुका है।
आज सुबह करीब 12 बजे हालात और बिगड़ गए जब रिक्शा चालकों ने सड़क पर लाइन से रिक्शे खड़े कर दिए, जिससे भीषण जाम लग गया।
इसी दौरान एक कार चालक ने जाम के बीच से निकलने की कोशिश की और मोटरसाइकिल सवार को टक्कर मार दी, जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन की चुप्पी और निष्क्रियता के कारण यह स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
लोगों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से यहां अवैध दुकानदारों और डग्गामार वाहनों ने पूरे इलाके को कब्जे में ले लिया है, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
एक स्थानीय दुकानदार ने कहा —
“रोजाना यहां ट्रैफिक जाम लगता है, लोग घंटों तक फंसे रहते हैं। शौचालय तक पहुँचना मुश्किल हो गया है, लेकिन प्रशासन केवल आश्वासन दे रहा है।”
इस मामले पर कदौरा नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अर्चना शिवहरे के पति रवि शिवहरे ने मीडिया से बात करते हुए कहा —
“अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन की मदद से अतिक्रमण हटवाया जाएगा और शौचालय का रास्ता पूरी तरह साफ कराया जाएगा।”
उन्होंने यह भी बताया कि नगर पंचायत की टीम इस क्षेत्र का सर्वे कर रही है और जल्द ही अतिक्रमण विरोधी अभियान शुरू किया जाएगा, जिससे आम नागरिकों और यात्रियों को राहत मिल सके।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त गश्त और निगरानी का अभाव ही इस समस्या की जड़ है।
हाईवे से गुजरने वाले भारी वाहन, रिक्शे और अवैध पार्किंग लगातार दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए, तो यह क्षेत्र भविष्य में बड़ी दुर्घटनाओं का केंद्र बन सकता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से निम्न मांगें की हैं:
अवैध कब्जा और ठेलों को तुरंत हटाया जाए।
सार्वजनिक शौचालय तक जाने का रास्ता साफ किया जाए।
ट्रैफिक पुलिस की नियमित तैनाती की जाए।
डग्गामार वाहनों पर सख्त रोक लगाई जाए।
यह मामला सिर्फ एक शौचालय या ठेले का नहीं, बल्कि व्यवस्था और जिम्मेदारी का प्रतीक बन गया है। कदौरा हाईवे पर अवैध कब्जा और प्रशासनिक लापरवाही ने दिखा दिया है कि छोटी-सी अनदेखी भी जनता के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।
अब देखना यह होगा कि नगर पंचायत और पुलिस प्रशासन अपने वादों को कितनी तेजी और सख्ती से अमल में लाता है।
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