उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद संवेदनशील और दुखद खबर सामने आई है। वैलेंटाइन डे के दिन Indian Institute of Technology Kanpur (आईआईटी कानपुर) परिसर में कार्यरत एक जूनियर लैब टेक्नीशियन ने आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान अंजू कुमारी के रूप में हुई है, जो झारखंड के जादूगोड़ा की रहने वाली थीं। पुलिस को कमरे से एक डायरी भी मिली है, जिसकी जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, अंजू कुमारी पिछले करीब तीन वर्षों से आईआईटी कानपुर में जूनियर लैब टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत थीं। वह संस्थान के कैंपस में ही आवास में रह रही थीं। बताया जा रहा है कि 14 फरवरी, वैलेंटाइन डे के दिन उन्होंने अपने कमरे में आत्महत्या कर ली।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना से कुछ समय पहले उनकी अपने मंगेतर से फोन पर बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस का मानना है कि इसी के बाद उन्होंने यह कठोर कदम उठाया। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।
सूचना मिलते ही संस्थान प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था, जिसे खोलकर अंजू को बाहर निकाला गया। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
मृतका के कमरे से पुलिस को एक निजी डायरी भी बरामद हुई है। बताया जा रहा है कि डायरी में उन्होंने अपनी निजी जिंदगी, मानसिक स्थिति और कुछ व्यक्तिगत भावनाओं का उल्लेख किया है। डायरी की आखिरी एंट्री घटना से कुछ देर पहले की बताई जा रही है। पुलिस डायरी को साक्ष्य के रूप में कब्जे में लेकर उसकी गहन जांच कर रही है।
मृतका मूल रूप से झारखंड के जादूगोड़ा क्षेत्र की निवासी थीं। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। बताया जा रहा है कि कुछ ही दिनों में उनकी सगाई होने वाली थी, जिससे परिवार में खुशियों का माहौल था। इस घटना से परिवार और संस्थान में शोक की लहर है।
डीसीपी वेस्ट एस एम कासिम आबिदी ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसी प्रकार की आपराधिक साजिश के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि मानसिक तनाव और व्यक्तिगत विवाद किस तरह गंभीर परिणाम ले सकते हैं। जरूरत है कि ऐसे मामलों में समय रहते संवाद और परामर्श का सहारा लिया जाए।
यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव से जूझ रहा है, तो नजदीकी परामर्श केंद्र या हेल्पलाइन से संपर्क करना बेहद जरूरी है। समय पर मदद जीवन बचा सकती है।
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