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Hardoi Police Encounter: हरदोई में पुलिस-तस्कर मुठभेड़, दो घायल, चार गिरफ्तार

हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जनपद में शुक्रवार सुबह पुलिस और कुख्यात पशु तस्करों के बीच हुई मुठभेड़ से हड़कंप मच गया। थाना सवायजपुर क्षेत्र में हुई इस मुठभेड़ में पुलिस ने चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें दो के पैर में गोली लगी है। ये सभी बदमाश लंबे समय से अंतरजनपदीय स्तर पर पशु चोरी और तस्करी के धंधे में लिप्त थे।

मुठभेड़ में घायल हुए बदमाशों में शाहजहांपुर निवासी बुधपाल और बदायूं निवासी देवेंद्र शामिल हैं, जबकि शाहजहांपुर के रतिपाल और रितिक को पुलिस ने बिना घायल हुए पकड़ लिया। पुलिस ने इनसे एक चोरी का पिकअप डाला, एक चोरी की भैंस, चार अवैध तमंचे, कारतूस और ₹1,30,000 नगद बरामद किए हैं।


घटना का पूरा विवरण

थाना सवायजपुर पुलिस को बीते कई दिनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि विभिन्न थाना क्षेत्रों — विशेषकर ग्रामीण इलाकों से — दुधारू पशुओं की चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। जांच में यह भी सामने आया कि चोरी हुए पशुओं को दूसरे जिलों में ले जाकर बेचा जा रहा है।

इस पर सीओ हरपालपुर सत्येन्द्र कुमार सिंह के निर्देशन में पुलिस टीम ने सक्रियता बढ़ाई और पशु तस्करों की तलाश शुरू की। गुरुवार देर रात मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध वाहन पशु तस्करी के उद्देश्य से हरदोई की सीमा में प्रवेश करने वाले हैं।

सूचना पर थाना सवायजपुर पुलिस ने घेराबंदी की योजना बनाई और संदिग्ध वाहनों की तलाश शुरू कर दी। सुबह के समय पिकअप वाहन को रोकने का प्रयास किया गया तो उसमें सवार बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।


जवाबी कार्रवाई में दो तस्कर घायल

पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें दो बदमाश — बुधपाल (निवासी शाहजहांपुर) और देवेंद्र (निवासी बदायूं) — के पैर में गोली लगी। बाकी दो बदमाशों — रतिपाल और रितिक — ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें भी दबोच लिया।

घायल बदमाशों को तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने बताया कि सभी बदमाश शातिर किस्म के हैं और इनके खिलाफ विभिन्न जनपदों — शाहजहांपुर, बदायूं, हरदोई और लखीमपुर खीरी — में दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं।


बरामदगी में पुलिस को मिली बड़ी सफलता

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके से एक चोरी का पिकअप डाला बरामद किया, जिसमें एक दुधारू भैंस बंधी मिली। साथ ही चार अवैध तमंचे, जिंदा कारतूस और ₹1,30,000 नकद भी बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह नकदी हाल ही में चोरी और पशु बिक्री से प्राप्त की गई थी।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन तस्करों का नेटवर्क कई जनपदों में फैला हुआ है। वे चोरी के पशुओं को सीमावर्ती जिलों में बेच देते थे और फर्जी दस्तावेजों के जरिए वैध परिवहन का दिखावा करते थे।


मुठभेड़ का वीडियो वायरल, पुलिस की तत्परता की सराहना

घटना के बाद मुठभेड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसमें पुलिस की जवाबी कार्रवाई और घेराबंदी के दृश्य साफ दिखे। स्थानीय लोगों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की और कहा कि इससे क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगेगा।


सीओ हरपालपुर का बयान

क्षेत्राधिकारी (सीओ) हरपालपुर सत्येन्द्र कुमार सिंह ने बताया —

“थाना सवायजपुर पुलिस टीम द्वारा सक्रियता से काम करते हुए पशु तस्करों को पकड़ा गया। बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी आत्मरक्षा में फायर किया। दो बदमाशों के पैर में गोली लगी है। चारों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। इनके पास से हथियार, चोरी का पिकअप, भैंस और बड़ी मात्रा में नगदी बरामद हुई है।”

उन्होंने आगे बताया कि यह गैंग लंबे समय से जनपद में सक्रिय था और कई मामलों में वांछित चल रहा था। अब इनके पकड़े जाने से कई पुराने मामलों का खुलासा होने की संभावना है।


पुलिस ने खोले गिरोह के नेटवर्क के तार

पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई कि यह गिरोह पशु चोरी करने के बाद उन्हें पास के जिलों में ले जाकर अवैध पशु बाजारों में ऊंचे दामों पर बेचता था। चोरी के दौरान वे टीम बनाकर काम करते थे — एक वाहन रेकी करता था, दूसरा पशुओं को चुराकर लाता था और तीसरा उन्हें गंतव्य तक पहुंचाता था।

इनके खिलाफ कई जनपदों में चोरी, पशु तस्करी, अवैध हथियार, और फायरिंग के मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इनके संपर्कों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है ताकि गिरोह के बाकी सदस्यों तक पहुंचा जा सके।


जिले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई

हरदोई पुलिस की इस कार्रवाई को जिले की एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में पुलिस ने कई मुठभेड़ें की हैं, लेकिन इस कार्रवाई में बड़े स्तर पर नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने कहा है कि अपराधियों के खिलाफ “ज़ीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई जा रही है और हर थाना स्तर पर सक्रिय अपराधियों की लिस्ट बनाकर निगरानी की जा रही है।


स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली

पशु चोरी की लगातार घटनाओं से परेशान ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय किसानों का कहना है कि पिछले कुछ हफ्तों से पशु चोरी की घटनाओं में इजाफा हुआ था, जिससे वे रात में भी पशुओं की रखवाली करने को मजबूर थे। अब पुलिस की इस कार्रवाई से उन्हें भरोसा मिला है कि अपराधियों पर सख्ती जारी रहेगी।


घायल तस्करों का चल रहा इलाज

पुलिस के अनुसार घायल बदमाशों बुधपाल और देवेंद्र को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है। दोनों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। पुलिस इनके बयान दर्ज करने की तैयारी में है ताकि गिरोह की पूरी जानकारी सामने आ सके।


अधिकारियों ने की प्रेस वार्ता

घटना के बाद सीओ हरपालपुर ने प्रेस को संबोधित करते हुए बताया कि —

“पुलिस की यह कार्रवाई न केवल पशु तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता है, बल्कि यह कानून व्यवस्था के लिए भी सख्त संदेश है कि अपराधियों को किसी भी सूरत में छोड़ा नहीं जाएगा।”

उन्होंने कहा कि बरामद नकदी और वाहनों के स्रोत की जांच की जा रही है और अन्य जिलों की पुलिस से भी समन्वय किया जा रहा है ताकि इस गैंग के बाकी सदस्यों को पकड़ा जा सके।

हरदोई जिले में पशु तस्करों और पुलिस के बीच हुई यह मुठभेड़ न केवल अपराध के खिलाफ पुलिस की सक्रियता को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि अपराधी कानून के शिकंजे से अब ज्यादा दिन नहीं बच सकते।

पुलिस की तेज कार्रवाई, तकनीकी जांच और स्थानीय नेटवर्क की पहचान से आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियाँ संभव हैं। हरदोई पुलिस अब इस पूरे गिरोह की जड़ें उखाड़ने के लिए तैयार है।

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