📍 हमीरपुर (उत्तर प्रदेश)
हमीरपुर जनपद के परसदवा डेरा गांव में सड़क निर्माण की मांग अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुकी है। कड़ाके की ठंड और कंपकंपाती सर्द हवाओं के बीच ग्रामीण खुले आसमान के नीचे बैठकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक जिम्मेदारों की नींद नहीं टूटी है। सड़क के लिए शुरू किया गया क्रमिक अनशन आज पांचवें दिन में प्रवेश कर चुका है, मगर न कोई ठोस आश्वासन मिला है और न ही निर्माण की कोई तारीख तय हो सकी है। सवाल यह उठता है कि जब जनता भीषण ठंड में भी सड़क के लिए संघर्ष कर रही है, तो सिस्टम आखिर कब जागेगा?
ये तस्वीरें हमीरपुर जनपद के परसदवा डेरा गांव की हैं, जहां सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का क्रमिक अनशन लगातार पांचवें दिन भी जारी है। कड़ाके की ठंड के बावजूद बुजुर्ग, महिलाएं और युवा दिन-रात खुले आसमान के नीचे बैठे हुए हैं और अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं।
अनशन स्थल पर पहुंचे बुंदेलखंड नव निर्माण सेना भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट विनय तिवारी ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की उदासीनता पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि
“हमीरपुर जिला राजस्व देने में प्रदेश में नंबर वन है, लेकिन विकास के मामले में आज भी सबसे पीछे खड़ा है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”
ग्रामीणों का आरोप है कि आंदोलन स्थल पर न तो अलाव की समुचित व्यवस्था की गई है और न ही किसी जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर उनकी सुध ली है। ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क की मांग को लेकर वर्ष 2024 में भी आंदोलन किया गया था, जिसे तत्कालीन उपजिलाधिकारी मौदहा द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद समाप्त कर दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद आज तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा। फिलहाल यह आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी है, जिसका नेतृत्व संगठन के जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र निषाद कर रहे हैं।
एडवोकेट विनय तिवारी
राष्ट्रीय अध्यक्ष, बुंदेलखंड नव निर्माण सेना भारत
राजेंद्र निषाद
ग्रामीण / जिला उपाध्यक्ष, बुंदेलखंड नव निर्माण सेना
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