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Tragic Crash on NH-34: हमीरपुर NH-34 पर टैंकर की जोरदार टक्कर, ई-रिक्शा सवार दंपति और बच्ची गंभीर

हमीरपुर जिले के NH-34 हाईवे पर मंगलवार देर शाम एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ जिसने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया। कुछेछा गांव के पास एक तेज रफ्तार टैंकर ने सामने चल रहे ई-रिक्शा को जबरदस्त टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ई-रिक्शा के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार दंपति व उनकी मासूम बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गए।

तेज रफ्तार ने छीनी खुशियां

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा मंगलवार की शाम करीब 7 बजे हुआ, जब एक परिवार ई-रिक्शा से अपने रिश्तेदारों को घर छोड़कर वापस लौट रहा था। उसी दौरान कुछेछा के पास से गुजर रहे एक तेज रफ्तार तेल टैंकर ने पीछे से ई-रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि ई-रिक्शा कई फीट दूर तक घिसटता चला गया। सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीर मदद के लिए दौड़ पड़े।

पुलिस ने दिखाई तत्परता

घटना की जानकारी मिलते ही डायल 112 पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने बिना किसी देरी के अपनी ही गाड़ी से तीनों घायलों को हमीरपुर जिला अस्पताल पहुंचाया।
डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद तीनों की हालत को गंभीर बताते हुए कानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

डॉक्टर और राहगीरों ने बताया भयावह दृश्य

राहगीर सचिन, जो सबसे पहले मौके पर पहुंचे थे, ने बताया —

“टक्कर की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के लोग घबरा गए। जब हम पहुंचे तो ई-रिक्शा पूरी तरह मलबे में बदल चुका था, और तीनों घायल सड़क पर तड़प रहे थे। पुलिस ने तुरंत मदद की, जिससे उनकी जान बची।”

वहीं, जिला अस्पताल के डॉक्टर आनंद त्रिपाठी ने बताया —

“तीनों मरीजों को गंभीर चोटें आई थीं। महिला और बच्ची की हालत बेहद नाजुक थी। तुरंत प्राथमिक उपचार के बाद सभी को कानपुर रेफर कर दिया गया है।”

टैंकर चालक फरार, पुलिस ने वाहन किया जब्त

घटना के बाद टैंकर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने टैंकर को कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि टैंकर की रफ्तार काफी अधिक थी और उसने नियंत्रण खो दिया था।
सदर कोतवाली पुलिस अब वाहन मालिक और चालक के खिलाफ मामला दर्ज करने की तैयारी में जुटी है।

स्थानीय लोगों में दहशत

इस हादसे के बाद क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि हाईवे पर आए दिन तेज रफ्तार वाहन दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं, लेकिन स्पीड कंट्रोल या सुरक्षा उपायों का अभाव है। ग्रामीणों ने प्रशासन से NH-34 पर स्पीड ब्रेकर लगाने और रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की है।

मानवता की मिसाल बनी पुलिस

स्थानीय लोगों ने मौके पर मौजूद डायल 112 पुलिस टीम की सराहना की है, जिन्होंने किसी एंबुलेंस का इंतजार किए बिना घायलों को अपनी गाड़ी में अस्पताल पहुंचाया। उनके इस मानवीय कदम से घायलों की जान बच सकी।

हमीरपुर का यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर बताता है कि तेज रफ्तार और लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।
एक छोटी सी गलती ने एक परिवार को जिंदगी और मौत के बीच झूलने पर मजबूर कर दिया। वहीं, पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने यह भी साबित किया कि समय पर उठाया गया कदम कई ज़िंदगियों को बचा सकता है।

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