फर्रुखाबाद जनपद में स्वास्थ्य विभाग की मेहनत और ग्राम प्रधानों की सक्रिय भागीदारी से टीबी उन्मूलन अभियान ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जिले को टीबी-मुक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिनका सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है।
इसी क्रम में जिलाधिकारी द्वारा एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें टीबी-मुक्त ग्राम पंचायतों के प्रधानों को सम्मानित किया गया। जिले की कुल 580 ग्राम सभाओं में से 240 ग्राम पंचायतों ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए टीबी उन्मूलन में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसके लिए उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से उन ग्राम प्रधानों की सराहना की गई, जिन्होंने लगातार वर्षों तक अपने गांवों को टीबी मुक्त बनाए रखा। 8 ग्राम प्रधानों ने पिछले 3 वर्षों से अपनी ग्राम सभाओं को पूरी तरह टीबी मुक्त रखा, जिन्हें गोल्ड मेडल प्रदान किया गया। वहीं 68 ग्राम प्रधानों को 2 वर्षों तक टीबी मुक्त स्थिति बनाए रखने के लिए सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया। इसके अलावा 164 ग्राम सभाओं को 1 वर्ष तक टीबी मुक्त रहने पर कांस्य पदक दिया गया।
ग्राम प्रधानों ने बताया कि उन्होंने गांवों में लगातार जागरूकता अभियान चलाए, लोगों की नियमित स्वास्थ्य जांच कराई और टीबी के लक्षण दिखने पर तुरंत इलाज सुनिश्चित कराया। इसी सक्रियता के चलते अब कई गांव पूरी तरह टीबी मुक्त हो चुके हैं।
यह उपलब्धि राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत हासिल की गई है, जिसके तहत जांच, इलाज और रोकथाम पर विशेष जोर दिया जा रहा है। ग्राम स्तर पर टीबी-मुक्त घोषणा के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और भी तेज हुई है।
इस मौके पर जिलाधिकारी ने कहा कि फर्रुखाबाद तेजी से टीबी-मुक्त जिले की ओर बढ़ रहा है और आने वाले समय में पूरे जिले को इस श्रेणी में लाने का लक्ष्य है। उन्होंने सभी ग्राम प्रधानों और स्वास्थ्य विभाग की टीम की सराहना करते हुए इसी तरह कार्य जारी रखने का आह्वान किया।
बाइट – रंजन गौतम, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी / जिला क्षय रोग अधिकारी
“टीबी उन्मूलन अभियान में जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य टीम के संयुक्त प्रयास से यह सफलता मिली है। हमारा लक्ष्य है कि जल्द ही पूरा जनपद टीबी मुक्त घोषित हो।”
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