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Tax Scam Gang Exposed: नकम टैक्स अधिकारी बनकर ठगी: यूपी में नकली छापेमारी गैंग बेनकाब, 3 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में इनकम टैक्स विभाग का नाम लेकर व्यापारियों से अवैध वसूली करने वाले एक शातिर गिरोह का खुलासा हुआ है। शादियाबाद बाजार में व्यापारियों की सतर्कता और एकजुटता के चलते इस गैंग की साजिश नाकाम हो गई। आरोपी खुद को इनकम टैक्स अधिकारी बताकर दुकानों पर फर्जी छापेमारी करते थे और कार्रवाई का डर दिखाकर मोटी रकम वसूलते थे।

मिली जानकारी के अनुसार, इस गिरोह में एक महिला सहित करीब आठ लोग शामिल हैं। जब गिरोह के सदस्य शादियाबाद बाजार में अपनी योजना को अंजाम दे रहे थे, तभी व्यापारियों को उनकी गतिविधियों पर शक हुआ। शक के आधार पर व्यापारियों ने उनसे पूछताछ की, जिसमें उनकी बातें संदिग्ध लगीं।

स्थिति को भांपते हुए बाजार के व्यापारी तुरंत एकजुट हो गए और आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की। इस दौरान गिरोह के सदस्य लग्जरी वाहन से मौके से भागने लगे, लेकिन व्यापारियों की सतर्कता के कारण तीन लोगों को पकड़ लिया गया। बाद में उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया, जबकि गिरोह का मुख्य सरगना मौके से फरार हो गया।

इस पूरे मामले की पुष्टि एसपी सिटी डॉ. राकेश मिश्रा ने की है। उन्होंने बताया कि फरार मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं और लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से गाजीपुर के शादियाबाद और सैदपुर क्षेत्रों के बाजारों में व्यापारियों से अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। गिरोह के सदस्य खुद को इनकम टैक्स अधिकारी बताकर दुकानों में पहुंचते थे, फर्जी जांच का डर दिखाते थे और फिर व्यापारियों से बड़ी रकम ऐंठ लेते थे।

मामले का खुलासा तब हुआ जब उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष इकरामुल हक को कुछ व्यापारियों ने संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी दी। जब उन्होंने कथित अधिकारियों से बातचीत की, तो उनके व्यवहार और कार्यशैली में कई खामियां नजर आईं, जिससे शक और गहरा गया।

इसके बाद व्यापारियों ने साहस दिखाते हुए आरोपियों को पकड़ने का फैसला किया। उनकी एकजुटता के चलते गिरोह के तीन सदस्य पकड़े गए। इस गिरोह में एक महिला के शामिल होने की भी पुष्टि हुई है, जिससे यह साफ होता है कि यह एक संगठित और योजनाबद्ध तरीके से काम करने वाला नेटवर्क था।

घटना के बाद व्यापारियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। उन्होंने शादियाबाद थाने में नामजद तहरीर देकर पूरे मामले की गहन जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनसे गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, फरार मुख्य आरोपी सरस कुमार गुप्ता की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। बताया जा रहा है कि वह गाजीपुर के सादात थाना क्षेत्र का रहने वाला है और खुद को चीफ कमिश्नर बताकर व्यापारियों को धमकाता था।

फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने व्यापारियों को अपना शिकार बनाया है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।

यह घटना व्यापारियों के लिए एक चेतावनी भी है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या फर्जी अधिकारी से सतर्क रहें और बिना सत्यापन के किसी को पैसे न दें।

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