उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जोरदार हमला बोला है। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के पास इस समय कोई ठोस राजनीतिक मुद्दा नहीं बचा है, इसी कारण पार्टी नाजायज और बेबुनियाद विषयों को लेकर राजनीति कर रही है।
धनंजय सिंह ने कहा कि सपा हमेशा ऐसे मुद्दे उठाती है जिनका जमीनी हकीकत से कोई लेना-देना नहीं होता। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि राजनीतिक मुद्दों के अकाल से जूझ रही सपा अब भ्रम फैलाने की राजनीति कर रही है, जो जनता के हित में नहीं है।
पूर्व सांसद ने विशेष रूप से एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी और विपक्ष के विरोध को बेमानी बताया। उन्होंने चुनाव आयोग का समर्थन करते हुए कहा कि एसआईआर एक संवैधानिक और नियमित प्रक्रिया है, जिसे लेकर बेवजह हंगामा खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बिहार में भी जब एसआईआर की प्रक्रिया अपनाई गई थी, तब भी विपक्ष ने वोट काटे जाने के आरोप लगाए थे, लेकिन जब अंतिम मतदाता सूची सामने आई तो सभी आरोप निराधार साबित हुए।
धनंजय सिंह ने कहा कि बिना तथ्यों के चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर सवाल उठाना न केवल गलत है, बल्कि लोकतंत्र को कमजोर करने वाला कदम है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि किसी भी प्रक्रिया का विरोध करने से पहले उसकी पूरी जानकारी और तथ्यों को समझना चाहिए।
पूर्व सांसद ने समाजवादी पार्टी के साथ-साथ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा एसआईआर को लेकर लगाए गए आरोपों को भी सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पर भाजपा के दबाव में विशेष वर्ग के वोट काटे जाने के आरोप पूरी तरह निराधार और राजनीतिक स्टंट मात्र हैं।
इशारों-इशारों में एक विशेष बड़े वर्ग की ओर संकेत करते हुए धनंजय सिंह ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जिस वर्ग को लेकर यह दावा किया जा रहा है कि उसके वोट काटे जा रहे हैं, वह राजनीतिक और आर्थिक रूप से इसलिए पिछड़ गया क्योंकि उसने एक बड़े राजनीतिक दल को अपना शत्रु मान लिया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल और सरकारें देश और नागरिकों के हित में काम करती हैं, ऐसे में वैमनस्यता की राजनीति छोड़नी होगी, तभी विकास और प्रगति संभव है।
उन्होंने आगे कहा कि किसी भी वर्ग को यह समझना चाहिए कि वर्तमान सरकार देशहित और आम नागरिकों के हित में काम कर रही है। विरोध की राजनीति से बाहर निकलकर सकारात्मक सोच अपनाने से ही समाज और वर्ग का भला हो सकता है।
वहीं शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के अयोध्या प्रवेश पर स्वामी परमहंस द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के सवाल पर धनंजय सिंह ने टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि संतों के आपसी मामलों को संतों पर ही छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस विषय पर कोई राजनीतिक टिप्पणी करना उचित नहीं है।
धनंजय सिंह के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि एसआईआर और वोटर लिस्ट से जुड़े मुद्दों को लेकर आने वाले दिनों में सियासत और भी गरमा सकती है।
बाइट— धनंजय सिंह, पूर्व सांसद, जौनपुर
Hind News 24×7 | हिन्द न्यूज़ Latest News & Information Portal