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Chandrawal River Revival : हमीरपुर में जलोदय योजना के तहत चंद्रावल नदी का कार्य जारी

हमीरपुर में चंद्रावल नदी पुनरोद्धार कार्य में तेजी: जलोदय योजना बनी तटवर्ती गांवों के लिए जीवनरेखा

जनपद हमीरपुर में जलोदय जल अभियान के तहत चंद्रावल नदी के पुनरोद्धार का कार्य पूरे जोश और गति के साथ जारी है। जिला प्रशासन ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को सफल बनाने के लिए जनभागीदारी, उद्योगपतियों, समाजसेवियों और विभिन्न विभागों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की है। बीते तीन दिनों से नदी की सफाई, तटबंधों का पुनर्निर्माण और किनारे के सौंदर्यीकरण का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।

चंद्रावल नदी के किनारे बसे 18 गांवों के ग्रामीण इस अभियान को लेकर उत्साहित हैं। उनका कहना है कि नदी का पुनरोद्धार न केवल उनके जीवन में पानी की उपलब्धता बढ़ाएगा, बल्कि खेती-किसानी के लिए भी नए अवसर खोलेगा। किसानों की मानें तो नदी के बहाव में सुधार से सिंचाई के साधन मजबूत होंगे, फसल की पैदावार बढ़ेगी और भूजल स्तर में सुधार आएगा।

जिला प्रशासन इस परियोजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ले रहा है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ नदी की सफाई का काम नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण जीवन को बेहतर बनाने और पर्यावरण संरक्षण को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ठोस कदम है। जिले के विकासखंड मौदहा से होकर बहने वाली चंद्रावल नदी करीब 62 किलोमीटर लंबे प्रवाह में फैली हुई है और इसका जलग्रहण क्षेत्र लगभग 990 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।

जिला अधिकारी और विभाग प्रमुखों ने बताया कि इस अभियान के तहत नदी के तटबंधों को मजबूत करना, जल संरक्षण के उपाय अपनाना और नदी के आसपास के क्षेत्रों में वृक्षारोपण करना प्राथमिकता में रखा गया है। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि नदी पुनरोद्धार के दौरान नए जलाशयों का निर्माण, छोटे बाँधों और तालाबों का जीर्णोद्धार भी किया जा रहा है, जिससे बारिश के पानी का संचयन बेहतर होगा और बुंदेलखंड जैसे जल संकट वाले क्षेत्र में स्थायी जल संरक्षण सुनिश्चित होगा।

ग्रामीणों के लिए यह परियोजना एक नई जीवनरेखा साबित हो रही है। बुजुर्ग ग्रामीणों ने कहा कि कई वर्षों से नदी का जल स्तर घटता जा रहा था, जिससे खेती और घरेलू जल की आपूर्ति प्रभावित हो रही थी। अब यह परियोजना उनके जीवन में नई उम्मीदें लेकर आई है।

कौशल कुमार, अवर अभियंता, लोक निर्माण विभाग ने बताया, “हमारे पास एक सुनियोजित कार्ययोजना है, जिसमें नदी की सफाई, तटबंधों का निर्माण, किनारों का सौंदर्यीकरण और जल संरक्षण के उपाय शामिल हैं। हमारी कोशिश है कि यह परियोजना समय से पूरी हो और ग्रामीणों को अधिकतम लाभ मिले।”

विशेषज्ञों के अनुसार, चंद्रावल नदी का पुनरोद्धार न केवल स्थानीय किसानों और ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह बुंदेलखंड क्षेत्र में जल संकट से निपटने की दिशा में एक मॉडल प्रोजेक्ट भी बन सकता है। इससे भूजल स्तर में सुधार होगा, जल संग्रहण की क्षमता बढ़ेगी और नदी के पारिस्थितिक तंत्र को भी मजबूती मिलेगी।

अंततः, चंद्रावल नदी का पुनरोद्धार सिर्फ नदी को नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की आशाओं और उम्मीदों को नया जीवन देने का प्रयास है। यह परियोजना दर्शाती है कि प्रशासन, समाज और जनता मिलकर कैसे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और विकास में सफलता हासिल कर सकते हैं।

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