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7 वर्षीय मासूम से दुष्कर्म करने वाला आरोपी गिरफ्तार, पचपेड़वा पुलिस ने दिखाई तत्परता

बलरामपुर: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। थाना पचपेड़वा क्षेत्र में 7 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी को पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस अधीक्षक बलरामपुर श्री विकास कुमार के निर्देशन में पचपेड़वा पुलिस ने महज कुछ ही दिनों में मामले का खुलासा कर आरोपी को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपी को औरहवा मोड़ के पास से गिरफ्तार किया और आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय भेज दिया।


घटना का विवरण

मिली जानकारी के अनुसार, 15 अक्टूबर को पीड़िता के परिजनों ने थाना पचपेड़वा में तहरीर देकर बताया कि उनकी 7 वर्षीय बेटी घर के पीछे बाग में खेल रही थी। इसी दौरान गांव के ही निवासी मुमताज अली पुत्र सत्तार अली ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मु0अ0सं0 205/25 धारा 65(2) बीएनएस5एम/6 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया।


वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में हुई गिरफ्तारी

एसपी बलरामपुर श्री विकास कुमार के निर्देशन में, एएसपी विशाल पांडे और सीओ तुलसीपुर डॉ0 जितेंद्र कुमार के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी ओमप्रकाश चौहान के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई।
टीम ने सक्रियता दिखाते हुए आरोपी की तलाश शुरू की और आखिरकार उसे औरहवा मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आरोपी की पहले से ही गांव में खराब छवि थी और उसके व्यवहार को लेकर कई लोग असंतुष्ट थे।


एसपी बलरामपुर ने कही सख्त कार्रवाई की बात

इस जघन्य अपराध पर एसपी बलरामपुर श्री विकास कुमार ने कहा कि “महिला एवं बाल अपराधों के प्रति पुलिस शून्य सहनशीलता की नीति पर कार्य कर रही है। ऐसे अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। हर पीड़ित को न्याय दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”


समाज में आक्रोश, पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बढ़ा भरोसा

इस घटना से पूरे क्षेत्र में गुस्से का माहौल है। लोग आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, पुलिस द्वारा आरोपी की त्वरित गिरफ्तारी से लोगों में राहत और पुलिस पर भरोसा बढ़ा है।

स्थानीय लोगों ने पुलिस टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि “अगर हर मामले में इतनी तत्परता से काम किया जाए, तो समाज में ऐसे अपराधियों के हौसले अपने आप पस्त हो जाएंगे।”


निष्कर्ष

पचपेड़वा पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बलरामपुर पुलिस महिला एवं बाल अपराधों के प्रति गंभीर और संवेदनशील है। कानून के कठोर प्रावधानों के तहत आरोपी को सजा दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति ऐसा जघन्य अपराध करने की सोच न सके।

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