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Fake Medical Report Scam-बदायूं जिला अस्पताल में फर्जी मेडिकल और रिश्वतखोरी का बड़ा खुलासा

बदायूं जिला अस्पताल एक बार फिर गंभीर आरोपों को लेकर चर्चा में आ गया है। लंबे समय से अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन इस बार मामला फर्जी मेडिकल रिपोर्ट और रिश्वतखोरी से जुड़ा होने के कारण और भी गंभीर बन गया है। आरोप है कि जिला अस्पताल के एक्स-रे विभाग में पैसे लेकर फर्जी मेडिकल तैयार किए गए, जिससे न केवल पीड़ित को न्याय से वंचित करने की कोशिश हुई, बल्कि निर्दोष लोगों को फंसाने का भी प्रयास किया गया।

मामला एक मारपीट की घटना से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें दोनों पक्षों की ओर से थाने में तहरीर दी गई थी और एफआईआर दर्ज हुई थी। आरोप है कि इस मामले में एक पक्ष को लाभ पहुंचाने के लिए जिला अस्पताल के कर्मचारियों ने रिश्वत लेकर मेडिकल रिपोर्ट में हेरफेर की। पीड़ित का कहना है कि एक्स-रे विभाग ने पैसे लेकर हाथ में फेक्चर दिखा दिया और उसी आधार पर फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार कर दी गई।

पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपी व्यक्ति का फर्जी प्लास्टर जिला अस्पताल में ही खुलवाया गया, जिससे यह साफ हो गया कि कथित फेक्चर पूरी तरह झूठा था। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में फर्जीवाड़े की पोल खुलने के बाद अस्पताल प्रशासन और आरोपियों में हड़कंप मच गया है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी अभी तक मौन साधे हुए हैं।

पीड़ित का यह भी आरोप है कि जिला अस्पताल का एक कर्मचारी उसे धमकी दे रहा है और मारपीट करने की बात कह रहा है, जिससे उसकी सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस पूरे प्रकरण में जिस व्यक्ति का नाम सामने आ रहा है, वह अमर ज्योति फाइनेंस कंपनी का एजेंट बताया जाता है। आरोप है कि उक्त फाइनेंस कंपनी का एजेंट लोगों से करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गया था, जिसे बाद में लोगों ने पकड़ लिया था। इसी विवाद से जुड़ी मारपीट के मामले में फर्जी मेडिकल बनवाने का खेल खेला गया।

वीडियो वायरल होने के बाद पूरे मामले में सच्चाई सामने आती नजर आ रही है। पीड़ित ने इस संबंध में आला अधिकारियों से लिखित शिकायत भी की है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो अस्पताल में इस तरह का फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार लगातार चलता रहेगा।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिला अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में इस तरह का खेल कैसे और किसके संरक्षण में चल रहा है। जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे आम जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पूरा मामला जिला बदायूं के जिला अस्पताल से जुड़ा हुआ है और लोग मांग कर रहे हैं कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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