Bus Collision Badaun : बदायूं में दो बसों की आमने-सामने टक्कर, तीन की मौत और दर्जनभर यात्री घायल

बदायूं जिले में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया।
Budaun–Meerut हाईवे पर दो बसों की आमने-सामने टक्कर में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसा उझानी कोतवाली क्षेत्र के अब्दुल्लागंज गांव के पास हुआ, जहां टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बसों के अगले हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
पुलिस और राहत टीमों ने मौके पर पहुंचकर घायलों को किसी तरह बाहर निकाला और उन्हें Budaun Medical College में भर्ती कराया गया।
शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

शादी समारोह से लौट रही थी प्राइवेट बस
जानकारी के अनुसार, हादसे में शामिल एक बस एक शादी समारोह से लौट रही थी।
बस में शामिल यात्री रातभर समारोह में शामिल होने के बाद सुबह घर लौट रहे थे।
उसी दौरान Budaun–Meerut हाईवे पर अब्दुल्लागंज गांव के पास सामने से आ रही एक रोडवेज बस से उसकी आमने-सामने टक्कर हो गई।
चश्मदीदों के अनुसार, दोनों बसें तेज रफ्तार में थीं और अचानक सामने आने से ड्राइवरों को संभलने का मौका नहीं मिला।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बसों के आगे के हिस्से बुरी तरह पिचक गए।
चीख-पुकार से गूंजा हाईवे, खिड़कियां काटकर निकाले गए यात्री
हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई।
दोनों बसों में फंसे यात्री दर्द से कराहने लगे और चारों ओर चीख-पुकार मच गई।
स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी।
कुछ ही देर में उझानी कोतवाली पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंच गए।
पुलिस को कई यात्रियों को बस के अंदर से निकालने के लिए लोहे की रॉड और गैस कटर की मदद से खिड़कियां काटनी पड़ीं।
लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद सभी घायलों को बाहर निकाला गया और अस्पताल भेजा गया।
तीन की मौत, बारह से अधिक घायल
इस भीषण दुर्घटना में मौके पर ही तीन लोगों की मौत हो गई।
मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है, लेकिन पुलिस ने परिजनों को सूचना दे दी है।
घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
डॉक्टरों के अनुसार, कुछ यात्रियों को सिर, पैर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आई हैं।
अस्पताल प्रशासन ने घायलों को बेहतर इलाज के लिए बरेली मेडिकल कॉलेज रेफर करने की तैयारी शुरू कर दी है।
पुलिस और प्रशासन ने संभाली स्थिति
हादसे की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी (CO) और तहसील प्रशासन भी मौके पर पहुंचे।
हाईवे पर घंटों तक जाम लगा रहा, जिसे पुलिस ने राहत कार्य पूरा करने के बाद हटाया।
पुलिस ने दोनों बसों को साइड में खड़ा कराकर क्रेन से हटवाया ताकि यातायात बहाल किया जा सके।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और ओवरटेकिंग हादसे की वजह मानी जा रही है।
दोनों बसों के ड्राइवरों के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन दस्तावेज भी जांच के लिए जब्त कर लिए गए हैं।
शादी की खुशियां मातम में बदलीं
हादसे में शामिल प्राइवेट बस में बैठे लोग एक गांव से शादी समारोह से लौट रहे थे।
रातभर की थकान के बाद कई यात्री सोए हुए थे, जिन्हें हादसे का अंदाजा भी नहीं था।
जैसे ही बस टकराई, यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिवार के एक सदस्य ने बताया —
“हम लोग खुशियां मनाकर लौट रहे थे, किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह यात्रा मौत की यात्रा बन जाएगी।”
डॉक्टरों ने बताया — घायलों की हालत नाजुक
मेडिकल कॉलेज में भर्ती घायलों का इलाज चल रहा है।
ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने बताया कि कई मरीजों को सिर और छाती में गहरी चोटें आई हैं।
कुछ घायलों की हालत गंभीर है और उन्हें ICU में शिफ्ट किया गया है।
अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को तैनात कर दिया है ताकि सभी को तत्काल इलाज मिल सके।
जिलाधिकारी ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी घायल के इलाज में कोताही न बरती जाए।
अब्दुल्लागंज गांव के पास बार-बार हो रहे हादसे
स्थानीय लोगों ने बताया कि Abdullaganj गांव के पास यह सड़क बेहद संकरी और खतरनाक मोड़ों वाली है।
यहां अक्सर ट्रक, बस और कारों की टक्कर होती रहती है।
लोगों ने प्रशासन से डिवाइडर और चेतावनी संकेतक लगाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें।
एक ग्रामीण ने कहा —
“हर कुछ महीने में यहां दुर्घटनाएं होती हैं। सड़क चौड़ी नहीं है और बसें तेज चलती हैं। आज फिर तीन परिवार उजड़ गए।”
जांच के आदेश, मृतकों के परिवारों को मिलेगी सहायता
जिलाधिकारी बदायूं ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।
साथ ही प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को आपदा राहत कोष से आर्थिक सहायता देने की बात कही है।
जिलाधिकारी ने कहा कि घायलों के इलाज का पूरा खर्च प्रशासन उठाएगा।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि रोडवेज और प्राइवेट बस कंपनी से हादसे से संबंधित सभी जानकारी मांगी गई है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी की लापरवाही पाई गई, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
घटना के बाद सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश हादसे तेज रफ्तार, लापरवाही और नींद की स्थिति में वाहन चलाने के कारण होते हैं।
बदायूं-Meerut हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही दिन-रात बनी रहती है, जिससे जोखिम बढ़ जाता है।
ट्रांसपोर्ट विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आने वाले दिनों में रात में बस संचालन और ड्राइवरों की फिटनेस जांच पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बदायूं में हुआ यह हादसा न सिर्फ तीन परिवारों को उजाड़ गया, बल्कि यह सवाल छोड़ गया कि कब तक हमारी सड़कें मौत के रास्ते बनी रहेंगी।
शादी की खुशियां मातम में बदल गईं, और यात्रियों की चीखें अब भी गांव के लोगों के कानों में गूंज रही हैं।
प्रशासन ने जांच और राहत कार्यों में तेजी लाई है, लेकिन जरूरत इस बात की है कि सड़क सुरक्षा के नियमों का सख्ती से पालन किया जाए।
तभी ऐसी घटनाओं से बचा जा सकेगा और मासूम जानें यूं सड़कों पर काल के ग्रास में नहीं जाएंगी।




