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सीएम ने अयोध्या में करवाया 3915 जोड़ों का सामूहिक विवाह, योगी बोले- नया कीर्तिमान बना रहा है यूपी

यूपी के अयोध्या में योगी सरकार ने 3915 जोड़ों का सामूहिक विवाह करवाकर कीर्तिमान बना दिया। इन जोड़ों में 138 मुसलिम भी थे। इस अवसर पर वर वधू को आशीर्वाद देने खुद सीएम योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे।

रामनगरी अयोध्या की धरती पर जीआईसी मैदान खास रंगत में था। हर तरफ हर्षोल्लास का माहौल था। परिणय की इस बेला में वर-वधू को आशीष देने आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार श्रमिक की बेटी का कन्यादान करने यहां आई है। कन्यादान करना मेरे लिए सबसे बड़ा पुण्य का काम है। उन्होंने सरकार की योजनाएं गिनाते हुए कहा कि 3915 जोड़ों का यह विवाह कार्यक्रम विश्व में नया कीर्तिमान बना रहा है।

विवाह का दृष्य देख हर कोई अभिभूत नजर आया। उत्तर प्रदेश श्रम विभाग एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संयुक्त रूप से वृहद सामूहिक विवाह कार्यक्रम में 3915 जोड़ों की शादी हुई तो इन जोड़ों का कन्यादान करने व आशीर्वाद देने सीएम समेत तमाम मंत्री और शासन-प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। विवाह मंडप में आचार्य व उपाचार्यों ने मंगल गीतों व वेद मंत्रों के साथ 3717 जोड़ों के विवाह की रस्में पूरी कराई, तो काजी द्वारा 138 मुस्लिम जोड़ों का भी निकाह कराया गया। आयोजन में रामनगरी की सांझी विरासत भी पुष्ट होती दिखी। मुख्यमंत्री ने जब आशीर्वाद और कन्यादान की बात कही तो करीब पचास हजार लोगों से भरा विवाहोत्सव परिसर तालियों से गूंज उठा, जयश्रीराम और हर-हर महादेव के उद्घोष होने लगे। उधर, सांस्कृतिक मंच पर लोक कलाकारों के विवाह गीत सहित गारी से पूरा माहौल मंगलमय हो उठा।

मुख्यमंत्री ने शुरूआत संविधान दिवस की शुभकामनाएं देते हुए की। उन्होंने कहा कि डॉ.भीमराव अंबेडकर ने जो संविधान दिया है, संविधान की यही ताकत है, श्रमिक कन्याओं की शादी में प्रदेश सरकार स्वंय पहुंचकर कन्यादान कर रही है। इससे बड़ा पुण्य का कार्य क्या हो सकता है। सही मायने में समाज के अंतिम पायदान पर बैठे श्रमिकों को लाभ मिल रहा है। कहा कि कोरोना के दौरान भी हमने निवासी-प्रवासी जो भी श्रमिक थे, हर श्रमिक को भरण-पोषण भत्ता दिया। 54 लाख श्रमिकों के खाते मे भत्ता गया, बाद में अन्य राज्यों ने भी इस योजना को अंगीकार किया। कहा कि हमारे गांव में एक कहावत है गांव की बेटी, सबकी बेटी.. इसी भावना के साथ हम सभी 3915 कन्याओं के एक साथ सामूहिक विवाह कार्यक्रम से जुड़ रहे हैं, सामूहिकता का अहसास हो रहा है।

बाल विवाह, दहेज की प्रथा को तिलांजलि देकर समाज के प्रत्येक तबके की कन्याओं को सम्मान देने का काम हमारी सरकार कर रही है। प्रदेश सरकार की लोककल्याणकारी योजनाओं से हर तबके के लोगों को जोड़ा गया है। 43 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास, 2.61 करोड़ शौचालय, 39 हजार ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया। जिन गांवों में बिजली नहीं थी वहां बिजली पहुंचाई गई। कहा कि यह  सरकार मजदूरों की ही नहीं, बल्कि गरीबों की शादी के लिए भी समाज कल्याण विभाग के  सहयोग से विवाह समारोह आयोजित कर रही है। इसका पूरा खर्चा भी उठा रही  है। इस सहायता से जहां इसमें स्वाजातीय विभाग के लोगों को 55 हजार प्रति  पुत्री, अंर्तजातीय विवाह को 61 हजार प्रति पुत्री एवं प्रत्येक वर-वधू के  उत्साह के लिए 5 हजार धनराशि दी जाती है। वहीं श्रमिकों के सामाजिक सहायता  हेतु 2 लाख का आर्थिक सहायता व 5 लाख का बीमा भी किया जाता है। ऐसे  विवाहों के आयोजन से बाल विवाह एवं दहेज आदि जैसी कुप्रथाओं पर रोक लग रही  है।

सीएम ने कहा कि 2017 के पहले स्थिति भयावह थी। दंगे होते थे, आराजकता का वातावरण था, महिला सुरक्षा गंभीर प्रश्न बन गया था। 2017 में जब हमारी सरकार आई तो हमने दंगा, भ्रष्टाचार, अराजकता मुक्त माहौल बनाने की प्रतिबद्धता से काम शुरू किया, आज प्रदेश में शांति का वातावरण है। मिशन शक्ति के तहत महिला सुरक्षा पर काम हुआ। पुलिस व शिक्षा भर्ती में बड़ी संख्या में महिलाओं को अवसर मिला। थाना व तहसीलों से लेकर गांव-गांव में मिशन शक्ति के तहत कार्यक्रम हो रहे हैं। सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास का जो मंत्र है वह चरितार्थ हो रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा 11  शादी के जोड़ों को मंच पर बुलाकर आशीर्वाद दिया गया व उन्हें सम्मानित भी  किया गया।

इस अवसर पर   प्रभारी मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक रामचंद्र यादव, वेद प्रकाश गुप्ता, शोभा सिंह चौहान, बाबा गोरखनाथ, राजेश गौतम, शरद अवस्थी समेत मंडल के अन्य जिलों के जनप्रतिनिधि समेत जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, बलराम मौर्या आदि ने भी वर-बधू को आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव  सिंह, महानगर अध्यक्ष श्री अभिषेक मिश्रा, अपर पुलिस महानिदेशक एसएन साबत, मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक केपी सिंह, जिलाधिकारी  नितीश कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडेय सहित श्रम विभाग के अपर आयुक्त, उपायुक्तगण व स्थानीय  उपायुक्त, सहायक सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण आदि उपस्थित रहे।

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