Saturday , July 20 2024

मोदी ने देश को दी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की सौगात, बोले- यूपी की सुपरफास्ट प्रगति का रास्ता तैयार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की सौगात दे दी। सुल्तानपुर जिले के करवल खीरी में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ मिलकर पीएम ने पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का उद्घाटन करके जनता को समर्पित कर दिया। इस मौके पर जनता को संबोधित करते हुए पीएम ने इसे यूपी की प्रगति का एक्सप्रेस-वे करार दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने जुलाई 2018 में आजमगढ़ से इसकी आधारशिला रखी थी।

सुल्तानपुर जिले के करवल खीरी में पूर्वांचल एक्सप्रेस की हवाई पट्टी पर पीएम मोदी

सी-130जे सुपर हरक्यूलिस विमान से उतरे। पीएम मोदी ने 341 किलोमीटर लंबे इस पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का बटन दबाकर उद्घाटन किया। इस एक्सप्रेस-वे को बनाने में 36 महीने का वक्त लगा है। 341 किलोमीटर लंबा ये पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पूर्वी और पश्चिमी यूपी को जोड़ देता है।

अपने संबोधन की शुरुआत में पीएम मोदी ने पूर्वांचली भाषा में जनता का अभिवादन किया, जनता का हाल चाल पूछा। फिर भारी भीड़ को संबोधित करते हुए बोले- जब तीन साल पहले मैने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का शिलान्यास किया था तब ये नही सोचा था कि इसी एक्सप्रेसवे पर में विमान से लैंड करूंगा। ये यूपी की शान है, ये यूपी का कमाल है। पूरी दुनिया में जिस किसी को भी उत्तर प्रदेश के सामर्थ्य पर, उत्तर प्रदेश के लोगों के सामर्थ्य पर जरा भी संदेह है वो आज सुल्तानपुर में आकर उत्तर प्रदेश का सामर्थ्य देख सकता है। 3-4 साल पहले जहां सिर्फ ज़मीन थी अब वहां से होकर इतना आधुनिक एक्सप्रेस-वे गुजर रहा है।

उन्होंने कहा कि मैं इस एक्सप्रेस वे को समर्पित करते हुए अपने आप में धन्य महसूस कर रहा हूं। देश का संपूर्ण विकास करने के लिए देश का संतुलित विकास भी उतना ही आवश्यक है। कुछ क्षेत्र विकास की दौड़ में आगे चले जाएं और कुछ दशकों पीछे रह जाएं, ये असमानता किसी भी देश के लिए ठीक नहीं है। भारत में भी जो हमारा पूर्वी हिस्सा रहा है, ये पूर्वी भारत नॉर्थ ईस्ट के राज्य, विकास की इतनी संभावना होने के बावजूद इन्हें देश में हो रहे विकास का उतना लाभ नहीं मिला, जितना मिलना चाहिए था। यूपी में भी जिस तरह की राजनीति हुई, जिस तरह से लंबे समय तक सरकारें चलीं, उन्होंने यूपी के संपूर्ण विकास पर ध्यान ही नहीं दिया. यूपी का ये क्षेत्र तो माफियावाद और यहां के नागरिकों को गरीबी के हवाले कर दिया गया था।

Check Also

सैन्य इतिहास में पहली बार दो क्लासमेट संभालेंगे थल और नौसेना की कमान

लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी रविवार को थलसेना प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालेंगे। लेफ्टिनेंट जनरल …