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परमबीर सिंह वसूली मामले में आरोपी की तलाश कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच

मुंबई। पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह पर लगे वसूली मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच को अब अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम गुर्गे रियाज़ भाटी की तलाश है.

क्राइम ब्रांच को ट्रांसफ़र किया गया था मामला

बता दें कि, मुंबई के गोरेगांव पुलिस स्टेशन में व्यापारी बिमल अग्रवाल की शिकायत पर परमबीर सिंह, एंटीलिया कांड में गिरफ़्तार सचिन वाझे समेत रियाज़ भाटी भी एक आरोपी है. बाद में यह मामला जांच के लिए क्राइम ब्रांच को ट्रांसफ़र किया गया था.

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सूत्रों ने बताया कि, जब से क्राइम ब्रांच ने उसे बुलाकर पूछताछ करना चाहा तब से ही वो ग़ायब हो गया है. मुंबई क्राइम ब्रांच अब उसकी तलाश में हर उस जगह जा रही है जहां उसके होने की सम्भावना है.

रियाज़ भाटी से पूछताछ करना काफ़ी अहम

बताया जा रहा है कि, इस मामले की जांच के लिए रियाज़ भाटी से पूछताछ करना काफ़ी अहम है. अपनी गिरफ़्तारी के डर से सितंबर महीने में रियाज़ भाटी ने सेशन कोर्ट में एंटीसिपेटरी बेल एप्लिकेशन (एबीए) दायर की थी जिसे सेशन कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया था.

भाटी का क्रिमिनल बैकग्राउंड

कोर्ट ने अपने ऑर्डर में कहा था कि, जिस तरह भाटी पर आरोप है की वो बार और रेट्रोरेंट वालों से पैसे कलेक्ट करता था और सचिन वाझे तक पहुंचाता था. भाटी से इस मामले में कस्टोड़ियल इंटेरोगेशन ज़रूरी है.

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कोर्ट में यह भी कहा कि, भाटी का क्रिमिनल बैकग्राउंड भी है इस वजह से पूछताछ ज़रूरी है और इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता इसी वजह से उसकी एबीए को ख़ारिज कर दिया गया था.

बता दें कि, इसी मामले में पूछताछ करने के लिए परमबीर सिंह को भी क्राइम ब्रांच ने नोटिस भेजा था पर वो आए नहीं. इसी मामले की जांच के लिए क्राइम ब्रांच अब एंटीलिया कांड में गिरफ़्तार सुनील माने और सचिन वाझे से भी पूछताछ करने वाली है.

कौन है रियाज़ भाटी?

रियाज़ भाटी के ख़िलाफ़ मुंबई के कई पुलिस स्टेशन में एक्टॉर्शन के मामले दर्ज हैं जिसमे से अंबोलि और जुहु पुलिस स्टेशन में भी मामला दर्ज है.

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सूत्रों में बताया की पुलिस ने उसे एक फ़र्ज़ी पासपोर्ट के साथ भी गिरफ़्तार किया था. साल 2020 में जब उसे इंटरनेशन एयरपोर्ट से गिरफ़्तार किया तब तो यूएई भागने की तैयारी में था.

भाटी को इससे पहले 2015 में भी गिरफ़्तार किया गया था जब वो फ़र्ज़ी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर साउथ अफ़्रीका भागने की तैयारी में था. तब जांच में पता चला था की भाटी का पासपोर्ट साल 2006 में एक्सपायर हो गया था.

उसके बाद उसकी क्राइम के रेकॉर्ड को देखते हुए उसका पासपोर्ट रिन्यू नहीं किया गया और उसने राजस्थान के अपने रिस्तेदार की मदद से फ़र्ज़ी पासपोर्ट बनवाया था जिसपर उसका नाम भट्टी फुलजी था और उस पासपोर्ट की इस्तेमाल कर वो 2009 से 2012 के बिच में 10 बार विदेश गया था.

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