जालौन बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और कुपोषण से बचाव के लिए जिला प्रशासन ने विटामिन-ए सम्पूरण कार्यक्रम के दूसरे चरण का शुभारम्भ कर दिया है। यह कार्यक्रम विशेष रूप से 9 महीने से 5 वर्ष तक के बच्चों को लक्षित करता है।

जिला महिला चिकित्सालय उरई परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने स्वयं बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाकर अभियान की शुरुआत की। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा देना और कुपोषण, रतौंधी, अंधापन जैसी बीमारियों से बचाव करना है।
जिलाधिकारी ने कहा कि विटामिन-ए बच्चों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। इससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और वे संक्रमणों के प्रति अधिक सुरक्षित रहते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को इस अभियान में अवश्य शामिल करें और समय पर खुराक पिलवाएं।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, अस्पताल स्टाफ और स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। उन्होंने बच्चों और अभिभावकों को इस अभियान के महत्व के बारे में जानकारी दी और सही समय पर खुराक देने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि यह अभियान 24 जनवरी 2026 तक पूरे जिले में आयोजित किया जाएगा और इसके तहत सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, उपकेंद्रों और जिला अस्पताल में विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। जिला प्रशासन ने सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों और समुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि विटामिन-ए की नियमित खुराक से बच्चों में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और आंखों की रोशनी सुरक्षित रहती है। इसके अलावा यह विकास संबंधी अनेक बीमारियों से बचाव करता है।
जालौन जिले में पिछले वर्षों में विटामिन-ए सम्पूरण कार्यक्रम के पहले चरणों ने सकारात्मक परिणाम दिखाए हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस अभियान से जिले के सभी लक्षित बच्चों को लाभ पहुंचाया जाए और कुपोषण दर में कमी लाई जा सके।
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