
कन्नौज जनपद के सदर कोतवाली क्षेत्र के रंगीयनपुरवा गांव में मजदूरी के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव इतना बढ़ गया कि मामला खूनी संघर्ष में बदल गया। पहले दिन हुए विवाद को पड़ोसियों ने समझा-बुझाकर शांत करा दिया था, लेकिन अगली ही सुबह एक पक्ष ने लाठी-डंडों के साथ दूसरे पक्ष के घर पर हमला बोल दिया। इस अचानक हुए हमले में महिला सहित कुल 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
पहले दिन मजदूरी को लेकर कहासुनी—पड़ोसियों ने किया विवाद शांत
गांव वालों के अनुसार, पूरा विवाद मजदूरी के एक बकाया भुगतान को लेकर शुरू हुआ था। दो पक्षों के बीच बुधवार शाम कहासुनी इतनी बढ़ गई कि मारपीट की नौबत उत्पन्न हो गई। हालांकि पड़ोसियों ने मौके पर पहुंचकर दोनों को किसी तरह शांत कराया और मामला वहीं समाप्त होने की उम्मीद की गई।
लेकिन पीड़ित परिवार को अंदाज़ा नहीं था कि विवाद यहीं खत्म नहीं होने वाला।
अगले दिन सुबह हमला—लाठी-डंडों से की गई ताबड़तोड़ मारपीट
पीड़ित परिवार का आरोप है कि सुबह होते ही विवादित पक्ष के 7–8 लोग लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस होकर उनके घर में घुस आए और अचानक हमला कर दिया। परिवार के सदस्यों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और आरोपियों ने ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया।
हमले में घर की महिला, युवती और बुजुर्ग पुरुष सहित कुल 6 लोग घायल हो गए। घायलों को तुरंत उपचार के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने गंभीर घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
हमलावरों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
हमलावरों के घर में घुसने और लाठी-डंडे चलाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि आरोपित खुलेआम हमला कर रहे हैं और घर में घुसकर तोड़फोड़ भी कर रहे हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग भी हरकत में आया।
पुलिस की जांच शुरू—आरोपियों की तलाश जारी
सदर कोतवाली पुलिस ने पीड़ितों की तहरीर के आधार पर आरोपितों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वीडियो की भी जांच की जा रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
गांव में घटना के बाद तनाव बना हुआ है, लेकिन पुलिस टीम लगातार गश्त कर स्थिति नियंत्रण में रखने की कोशिश कर रही है।
बाइट: आदेश कुमार (पीड़ित)
पीड़ित आदेश कुमार का कहना है—
“पहले दिन तो गांव वालों ने समझाकर मामला खत्म करा दिया था। लेकिन अगले दिन ये लोग सुबह-सुबह घर में घुस आए और हमने कुछ समझ पाते उससे पहले ही मारना शुरू कर दिया। हमारी महिलाओं तक को नहीं छोड़ा। हमको इंसाफ चाहिए।”




