
कन्नौज-
जिले के सौरिख थाना क्षेत्र के नगला बिहारी गांव में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गांव का एक युवक अपनी नई खरीदी गई पिकअप लेकर ड्राइविंग सीख रहा था, तभी वाहन अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरा। हादसा इतना अचानक हुआ कि देखने वाले ग्रामीणों के होश उड़ गए। गनीमत रही कि चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए खिड़की खोलकर किसी तरह पानी से बाहर निकलने में सफलता पाई।
नई पिकअप लेकर सीख रहा था ड्राइविंग
नगला बिहारी गांव निवासी वीरपाल का पुत्र बृजेन्द्र 29 सितम्बर को भाड़े पर चलाने के लिए एक नई पिकअप खरीद कर लाया था। गाड़ी नई थी और वह ड्राइविंग ठीक से नहीं जानता था, इसलिए गांव के बाहर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे की सर्विस लेन पर वाहन चलाने पहुंचा।
सर्विस लेन से करीब 800 मीटर की दूरी पर एक नहर है, जहां पुल का निर्माण नहीं हुआ है। यह रास्ता सुनसान होने के कारण बृजेन्द्र वहां धीरे-धीरे गाड़ी चला रहा था। लेकिन जैसे ही नहर के पास पहुंचा, गाड़ी रोकने की कोशिश में वह घबरा गया। इसी दौरान पिकअप अनियंत्रित होकर सीधे नहर में जा गिरी।
खिड़की खोलकर बचाई जान
नहर में गिरते ही वाहन गहरे पानी में करीब 200 मीटर तक चला गया। पानी भरने लगा तो स्थिति बेहद खतरनाक हो गई। मौके पर मौजूद कुछ किसान मदद के लिए दौड़े, लेकिन उससे पहले ही बृजेन्द्र ने साहस दिखाते हुए पिकअप की खिड़की खोली और तैरकर बाहर निकल आया। ग्रामीणों ने तुरंत उसे सुरक्षित किनारे पर पहुंचाया।
पांच घंटे की मशक्कत के बाद बाहर आई गाड़ी
हादसे की जानकारी पुलिस को नहीं दी गई। बृजेन्द्र और गांव के लोग अपने स्तर पर ही पिकअप को बाहर निकालने की कोशिश करते रहे। लेकिन गाड़ी गहरे पानी में फंसी होने के कारण यह आसान नहीं था। कई बार प्रयास असफल रहे। आखिरकार करीब पांच घंटे बाद क्रेन मंगवाकर पिकअप को बाहर निकाला जा सका।
ग्रामीणों में चर्चा का विषय बना हादसा
यह हादसा पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर बृजेन्द्र समय रहते खिड़की न खोल पाता तो स्थिति भयावह हो सकती थी। वहीं, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नहर पर जल्द से जल्द पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।




