
बदायूं। म्याऊं ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत गूरा बरेला में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। लापरवाह सफाई कर्मचारियों और प्रधान की उदासीनता के चलते गांव के हालात बद से बदतर हो चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से नालियों की सफाई ठीक तरीके से नहीं हुई, जिससे गंदगी और दुर्गंध का माहौल बना हुआ है।
गांव के लोगों का कहना है कि नालियों से निकाली गई मिट्टी और कचरा सड़कों पर ही छोड़ दिया जाता है। मिट्टी और कचरे के ढेर से रास्ते जाम हो जाते हैं, जिससे आम राहगीरों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि सफाई कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती। मजबूरी में लोग अपने घर के सामने की नालियों की खुद सफाई करने को मजबूर हैं।
लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो वे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि गंदगी फैलने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सफाई व्यवस्था सुधारी जाए, जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई हो और गांव को साफ-सुथरा बनाए जाने की ठोस व्यवस्था की जाए।




