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धनतेरस-दिवाली से पहले सोना-चांदी सस्ता, कीमतों में गिरावट से खरीदारों को राहत

धनतेरस-दिवाली से पहले सोना-चांदी सस्ता, जानें 23 अक्टूबर के ताजा भाव

धनतेरस और दिवाली से पहले सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट ने खरीदारी की तैयारी कर रहे लोगों को कुछ राहत दी है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों कीमती धातुओं के वायदा भाव नीचे कारोबार करते दिखे। सुबह करीब 10 बजे दिसंबर एक्सपायरी वाला सोना 1,424 रुपये यानी 0.99 प्रतिशत गिरकर 1,41,885 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, दिसंबर वायदा चांदी 6,600 रुपये यानी 3.31 प्रतिशत टूटकर 1,92,999 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 1,43,309 रुपये और चांदी 1,99,599 रुपये पर बंद हुई थी।

सोने का भाव कितना रहा?

MCX के वायदा भाव और सराफा बाजार में गहने खरीदने के लिए मिलने वाले खुदरा भाव एक जैसे नहीं होते। 23 अक्टूबर को जनसत्ता की शहरवार दरों के मुताबिक, दिल्ली में 24 कैरेट सोना करीब 14,263 रुपये प्रति ग्राम और 22 कैरेट सोना 13,075 रुपये प्रति ग्राम था। मुंबई में 24 कैरेट का भाव लगभग 14,248 रुपये प्रति ग्राम और 22 कैरेट का करीब 13,060 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया। ये संकेतात्मक दरें हैं; दुकानों, शुद्धता, स्थानीय कर और ज्वेलर के हिसाब से अंतिम कीमत बदल सकती है।

चांदी में सोने से ज्यादा गिरावट

चांदी में सोने से अधिक प्रतिशत गिरावट देखी गई। MCX पर चांदी का वायदा भाव एक ही सत्र में 3 प्रतिशत से ज्यादा नीचे आया। त्योहारों के दौरान चांदी के सिक्के, पूजा के बर्तन, उपहार और निवेश के लिए छोटे बार खरीदने वाले ग्राहक कीमतों में बदलाव पर नजर रखते हैं। हालांकि, वायदा बाजार की दर को सीधे खुदरा कीमत नहीं मानना चाहिए। चांदी की दुकान पर प्रति ग्राम या प्रति किलोग्राम भाव के साथ शुद्धता, जीएसटी और अन्य लागतों का असर पड़ सकता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्यों टूटे भाव?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने पर दबाव देखा गया। रॉयटर्स की 23 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, हाजिर सोना शुरुआती कारोबार में 0.2 प्रतिशत गिरकर 4,016.27 डॉलर प्रति औंस पर आ गया और सप्ताह के दौरान लगभग 3.5 प्रतिशत नीचे था। रिपोर्ट में तेल की बढ़ती कीमतों, महंगाई की आशंका और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर उम्मीदों को प्रमुख कारक बताया गया। जब बाजार को लगता है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं, तो ब्याज नहीं देने वाली संपत्तियों जैसे सोने की आकर्षकता प्रभावित हो सकती है।

क्या अभी खरीदारी करना सही रहेगा?

त्योहारी खरीदारी से पहले कम भाव कुछ खरीदारों को आकर्षित कर सकते हैं, लेकिन एक दिन की गिरावट भविष्य में कीमतें और कम होने की गारंटी नहीं है। सोना-चांदी खरीदते समय केवल स्क्रीन पर दिख रहे रेट पर निर्भर न रहें। अपने शहर के दो-तीन भरोसेमंद ज्वेलरों से स्थानीय दर की पुष्टि जरूर करें और बिल में शुद्धता, वजन, मेकिंग चार्ज, जीएसटी तथा बायबैक शर्तें देखें। सोने के आभूषणों के लिए हॉलमार्क और छह अंकों वाला HUID नंबर जांचना भी उपयोगी है।

निवेश के उद्देश्य से खरीदने वाले लोगों को अपनी जरूरत, जोखिम और समयावधि को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए। कीमतें वैश्विक बाजार, रुपये की विनिमय दर, आयात लागत, कर और स्थानीय मांग के कारण बदल सकती हैं। इसलिए “आज सस्ता है” को खरीदने का अकेला आधार न बनाएं।

कुल मिलाकर, 23 अक्टूबर को सोने और चांदी के वायदा भाव में गिरावट दर्ज हुई, जिसमें चांदी में गिरावट ज्यादा रही। धनतेरस और दिवाली से पहले खरीदारी करने वालों के लिए यह भावों की तुलना करने का मौका है, लेकिन सटीक खुदरा दर और अंतिम बिल की पुष्टि दुकान पर ही करनी चाहिए।

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