टॉप न्यूज़स्वास्थ्य

हर कैंसर की शुरुआत गांठ से नहीं होती! शरीर के ये संकेत भी हो सकते हैं खतरे की घंटी

हर कैंसर की शुरुआत गांठ से नहीं होती, शरीर के इन संकेतों को न करें नजरअंदाज

कैंसर का नाम सुनते ही अक्सर लोगों के मन में गांठ या ट्यूमर की तस्वीर उभरती है। लेकिन जरूरी नहीं कि हर कैंसर की शुरुआत शरीर में गांठ बनने से हो। कुछ मामलों में लगातार थकान, बिना कोशिश वजन घटना, लंबे समय तक खांसी रहना, असामान्य रक्तस्राव या पाचन संबंधी बदलाव भी किसी गंभीर बीमारी के संकेत हो सकते हैं। हालांकि, इन लक्षणों का मतलब यह नहीं कि व्यक्ति को कैंसर ही है। संक्रमण और दूसरी सामान्य बीमारियां भी ऐसे बदलाव पैदा कर सकती हैं। महत्वपूर्ण है कि शरीर में होने वाले असामान्य बदलावों को नजरअंदाज न किया जाए। नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट के अनुसार, कई सप्ताह तक बने रहने वाले लक्षणों की चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।

1. बिना वजह वजन कम होना

यदि खानपान या व्यायाम में बदलाव किए बिना लगातार वजन घट रहा है, तो इसकी वजह का पता लगाना जरूरी है। कुछ कैंसर के मामलों में भूख कम होना और वजन घटना शुरुआती संकेतों में शामिल हो सकता है। हालांकि, थायरॉइड की समस्या, मधुमेह और पाचन संबंधी बीमारियां भी इसका कारण बन सकती हैं।

2. लगातार थकान और कमजोरी

पर्याप्त नींद और आराम के बावजूद थकान बनी रहना भी ध्यान देने योग्य संकेत है। कैंसर के अलावा खून की कमी, संक्रमण, तनाव और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी इसका कारण हो सकती हैं। यदि कमजोरी लंबे समय तक बनी रहे या रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगें, तो डॉक्टर से सलाह लें।

3. लंबे समय तक खांसी या आवाज में बदलाव

खांसी का ठीक न होना, आवाज का लगातार बैठना या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर तीन सप्ताह से अधिक समय तक खांसी रहने, खांसी में खून आने या सांस की समस्या बढ़ने पर चिकित्सकीय जांच जरूरी है। ये लक्षण कई कारणों से हो सकते हैं और जांच के बिना कैंसर का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। एनएचएस की जानकारी में ऐसे लक्षणों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।

4. पेशाब और शौच की आदतों में बदलाव

लंबे समय तक कब्ज या दस्त रहना, मल में खून दिखना, पेशाब में रक्त आना या पेशाब करने के तरीके में असामान्य बदलाव होना जांच की जरूरत का संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षण आंत, मूत्राशय या दूसरी समस्याओं से जुड़े हो सकते हैं। खून दिखने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।

5. असामान्य रक्तस्राव या घाव न भरना

बिना स्पष्ट कारण खून आना, माहवारी के बीच रक्तस्राव, पेशाब या मल में खून दिखना और मुंह में ऐसा घाव जो ठीक नहीं हो रहा, गंभीरता से लेना चाहिए। त्वचा पर मौजूद तिल के आकार, रंग या रूप में बदलाव भी जांच की वजह हो सकता है। विशेषकर घाव बढ़ रहा हो या उससे रक्तस्राव हो रहा हो, तो डॉक्टर से मिलें।

6. पेट फूलना, निगलने में परेशानी और भूख कम होना

बार-बार पेट फूलना, लगातार अपच, भोजन निगलने में कठिनाई या थोड़ी मात्रा खाने पर ही पेट भरा महसूस होना भी कई बीमारियों में देखा जाता है। यदि ये लक्षण बने रहें, बढ़ें या इनके साथ वजन घटने जैसे बदलाव हों, तो चिकित्सकीय जांच कराना उचित है।

लक्षण दिखने पर क्या करें?

कैंसर की पहचान केवल लक्षणों के आधार पर नहीं की जा सकती। डॉक्टर जरूरत के अनुसार शारीरिक परीक्षण, रक्त जांच, इमेजिंग या बायोप्सी कराने की सलाह दे सकते हैं। कौन-सी जांच जरूरी है, यह लक्षणों और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है।

यदि कोई असामान्य लक्षण कई सप्ताह तक बना रहे, बार-बार लौटे या लगातार बढ़े, तो अपॉइंटमेंट लेकर डॉक्टर से मिलें। खून की अधिक मात्रा, गंभीर सांस की परेशानी या अचानक बिगड़ती हालत में तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

याद रखें, हर लक्षण कैंसर नहीं होता और हर कैंसर में गांठ बनना जरूरी नहीं है। समय पर जांच कराने से बीमारी का कारण पता लगाने और जरूरत पड़ने पर उपचार शुरू करने में मदद मिल सकती है।

Related Articles

Back to top button