
मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई गोलीबारी के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता की गाड़ी पर फायरिंग करने के आरोप में तीन संदिग्धों को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में फूल सिंह, ऋतिक कुमार और रेहान के नाम सामने आए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, दो आरोपी हरियाणा के सोनीपत और एक बिहार के बेगूसराय का रहने वाला है। आरोपियों को पकड़ने के लिए मुंबई पुलिस ने 15 विशेष टीमें गठित की थीं। घटना के समय टाइगर श्रॉफ सुरक्षित बच गए, जबकि उनके ड्राइवर और एक राहगीर को गोली लगी थी।
जुहू में रविवार शाम हुई थी फायरिंग
यह घटना रविवार, 18 अक्टूबर की शाम करीब सात बजे मुंबई के जुहू इलाके में पुष्पा नरसी पार्क के पास हुई थी। रिपोर्टों के अनुसार, टाइगर श्रॉफ फुटबॉल खेलने के बाद एक कार्यक्रम से निकलकर अपनी बीएमडब्ल्यू कार से घर लौट रहे थे। तभी मोटरसाइकिल पर आए तीन हमलावरों ने उनकी गाड़ी को निशाना बनाकर गोलियां चलाईं।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दो हमलावरों ने फायरिंग की, जबकि तीसरा मोटरसाइकिल पर बैठा रहा ताकि वे वारदात के बाद भाग सकें। गोलीबारी के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में चली गोलियों की संख्या अलग बताई गई है, जबकि पुलिस की जांच में घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की जा रही है।
टाइगर श्रॉफ सुरक्षित, दो लोग घायल
फायरिंग के दौरान टाइगर श्रॉफ को गोली नहीं लगी। हालांकि, उनके ड्राइवर फिरदौस को हाथ में गोली लगी। वहीं, घटनास्थल के पास मौजूद एक राहगीर उमेश चव्हाण भी गोली लगने से घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
घटना के बाद अभिनेता ने अपने घायल ड्राइवर को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और हमलावरों के भागने के रास्ते का पता लगाने की कोशिश की।
कोटा से पकड़े गए तीनों आरोपी
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर आरोपियों की तलाश मुंबई से बाहर तक बढ़ाई गई। सोमवार, 19 अक्टूबर को तीनों संदिग्धों को राजस्थान के कोटा में पकड़ा गया। रिपोर्टों में गिरफ्तारी का स्थान कोटा रेलवे स्टेशन और उसके आसपास का क्षेत्र बताया गया है।
गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि फायरिंग की योजना किसने बनाई, हथियार कहां से आए और घटना के पीछे वास्तविक मकसद क्या था। आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद मामले की जांच पूरी नहीं हुई है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से संबंध की जांच
गोलीबारी के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आई, जिसमें कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। पोस्ट से जुड़े नामों में अनिल पंडित और हरमन संधू का उल्लेख किया गया। संदेश में सलमान खान के साथ काम करने वाले लोगों को धमकी देने का दावा भी किया गया।
हालांकि, मुंबई पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट की प्रामाणिकता और गैंग से संभावित संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए हमले को किसी गिरोह की कार्रवाई मानने से पहले जांच पूरी होना जरूरी है। पुलिस घटना के मकसद, आरोपियों के संपर्कों और संभावित साजिश के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

क्राइम ब्रांच के हाथ में जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घटना पर चिंता जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हमले की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।
फिलहाल सबसे अहम सवाल यह है कि टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग क्यों की गई और इसके पीछे किसका हाथ था। तीन आरोपियों की गिरफ्तारी जांच में महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन हमले का मकसद और कथित गिरोह की भूमिका पुलिस की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगी।




