
नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को कारोबार के आखिरी घंटे में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। दिन की शुरुआत में सुस्त नजर आ रहे बाजार ने दोपहर बाद ऐसी रफ्तार पकड़ी कि सेंसेक्स और निफ्टी दोनों मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 1,109 अंक से ज्यादा उछल गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 22,700 के पार पहुंच गया। इस तेजी से निवेशकों की कुल बाजार संपत्ति में करीब 4.16 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। बाजार में इस उछाल के पीछे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान और आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी को प्रमुख वजह माना गया।
सेंसेक्स 73,000 के पार, निफ्टी में भी जोरदार उछाल
मंगलवार को सेंसेक्स पिछले कारोबारी दिन के 71,924 अंक के स्तर के मुकाबले 71,951 के आसपास खुला था। शुरुआती कारोबार में बाजार की चाल अपेक्षाकृत धीमी रही, लेकिन दोपहर बाद खरीदारी बढ़ने से प्रमुख सूचकांकों में तेजी आई।
कारोबार समाप्त होने पर सेंसेक्स 1,109.76 अंक यानी 1.54 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,033.78 अंक पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 358.95 अंक यानी 1.60 प्रतिशत चढ़कर 22,721.95 अंक पर पहुंच गया। दोनों सूचकांकों की इस बढ़त ने निवेशकों के बाजार में भरोसे को मजबूती दी।
निवेशकों की संपत्ति में ₹4.15 लाख करोड़ का इजाफा
शेयर बाजार में आई तेजी का असर कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण पर भी दिखाई दिया। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण पिछले कारोबारी सत्र के लगभग 465.92 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 470.08 लाख करोड़ रुपये हो गया।
इस तरह एक कारोबारी दिन में बाजार पूंजीकरण में करीब 4.16 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, यह आंकड़ा निवेशकों की कुल बाजार संपत्ति में हुआ बदलाव दर्शाता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि प्रत्येक निवेशक को इसी अनुपात में वास्तविक मुनाफा हुआ। व्यक्तिगत लाभ इस बात पर निर्भर करता है कि किसने किन शेयरों में और कितनी राशि निवेश की थी।
निर्मला सीतारमण के बयान से बाजार को मिला सहारा
बाजार में तेजी की प्रमुख वजहों में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) पर दिया गया बयान शामिल रहा।
ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार इन कर व्यवस्थाओं पर निवेशकों और अन्य हितधारकों के विचार सुनने के लिए तैयार है। बाजार के एक वर्ग ने इसे भविष्य में कर व्यवस्था की समीक्षा की संभावना के संकेत के रूप में देखा।
हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि बयान का अर्थ टैक्स में तत्काल कटौती या बदलाव की घोषणा नहीं है। फिलहाल LTCG और STT में किसी बदलाव की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
आईटी शेयरों में खरीदारी से बाजार को मजबूती
मंगलवार की तेजी में आईटी कंपनियों के शेयरों की अहम भूमिका रही। एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टीसीएस, टेक महिंद्रा और इन्फोसिस जैसे शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। एचसीएल टेक्नोलॉजीज के तिमाही नतीजों ने भी आईटी क्षेत्र के शेयरों में खरीदारी को समर्थन दिया।
इसके अलावा कुछ मिडकैप कंपनियों के शेयरों में भी तेजी देखने को मिली। बाजार में निचले स्तरों पर खरीदारी और वित्त मंत्री के बयान से बने सकारात्मक माहौल ने प्रमुख सूचकांकों को ऊपर पहुंचाने में मदद की।
आगे बाजार की नजर किन बातों पर रहेगी?
आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर सरकार की कर नीति, कंपनियों के तिमाही नतीजों, विदेशी निवेश के रुझान और वैश्विक बाजारों पर रहेगी। मंगलवार की तेजी से बाजार को राहत जरूर मिली, लेकिन इससे लगातार बढ़त की गारंटी नहीं मिलती।

निवेशकों के लिए जरूरी बात: केवल एक दिन की तेजी देखकर जल्दबाजी में निवेश का फैसला न लें। शेयर बाजार में जोखिम बना रहता है और निवेश से पहले अपनी जोखिम क्षमता तथा वित्तीय लक्ष्यों का आकलन करना जरूरी है।




