
नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में होने वाले इस आंदोलन को लेकर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा है कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि विरोध प्रदर्शन चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे।
रामदास आठवले ने अभिजीत दीपके से अपील की कि उन्हें 10 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन को शांतिपूर्ण तरीके से करना चाहिए, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी मतदाता सूची को सही और अपडेट रखना है। ऐसे में मतदाता सूची से अयोग्य नाम हटाने की प्रक्रिया को लेकर ज्ञानेश कुमार को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।
ज्ञानेश कुमार का बचाव करते दिखे आठवले
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में बड़ी संख्या में लोग रोजगार और अन्य कारणों से एक राज्य से दूसरे राज्य में जाते हैं। ऐसे में मतदाता सूची को लगातार अपडेट करना जरूरी है। आठवले के मुताबिक, चुनाव आयोग इसी प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में सुधार और आवश्यक बदलाव कर रहा है।
उन्होंने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार पारदर्शी चुनाव कराने, मतदाता सूची की गलतियों को दूर करने और पात्र मतदाताओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसलिए उनके इस्तीफे की मांग करना उचित नहीं है।
आठवले ने अभिजीत दीपके को संबोधित करते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि CJP चाहे जितना विरोध प्रदर्शन कर ले, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा देने वाले नहीं हैं।
प्रधानमंत्री मोदी पर बयान को लेकर भी चेतावनी
रामदास आठवले ने अभिजीत दीपके को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक या अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि दीपके युवा और सक्रिय हैं, लेकिन प्रधानमंत्री के खिलाफ सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
आठवले ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक बयान जारी रहे तो उनकी पार्टी भी अभिजीत दीपके के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर सकती है।
पहले पार्टी में शामिल होने का ऑफर दे चुके हैं आठवले
यह पहली बार नहीं है जब रामदास आठवले ने अभिजीत दीपके को लेकर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी है। इससे पहले वह दीपके को रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) में शामिल होने का प्रस्ताव दे चुके हैं। आठवले ने उन्हें डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों और विजन को आगे बढ़ाने के लिए अपनी पार्टी से जुड़ने का सुझाव दिया था। हालांकि, अभिजीत दीपके ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।
दीपके बोले- नहीं हटाया तो देश को बना देंगे जंतर-मंतर
दूसरी ओर, अभिजीत दीपके अपने प्रस्तावित आंदोलन को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने कहा है कि यदि ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से नहीं हटाया गया तो पूरा देश जंतर-मंतर बन जाएगा।
दीपके के मुताबिक, उनके आंदोलन की प्रमुख मांगों में ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करना, विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को रोकना और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष बनाना शामिल है।
उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग केवल केंद्र सरकार के पसंदीदा लोगों के आधार पर संचालित होने वाला संस्थान नहीं होना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर CJP 10 अक्टूबर को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन करने की तैयारी कर रही है।

प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है। पुलिस प्रशासन की ओर से प्रदर्शन और उससे जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। ऐसे में 10 अक्टूबर का दिन राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों लिहाज से अहम माना जा रहा है।




