
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर बेहद भयावह मोड़ पर पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच लगातार हो रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों ने आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इसी बीच रूस ने यूक्रेन के कई शहरों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमला किया है। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक चले इस हमले में राजधानी कीव समेत करीब एक दर्जन इलाकों को निशाना बनाया गया। हमले में कम से कम 24 लोगों की मौत हुई है, जिनमें चार बच्चे भी शामिल हैं, जबकि करीब 60 लोग घायल बताए जा रहे हैं।
यूक्रेन के कई शहरों को बनाया गया निशाना
रूस की ओर से किए गए इस बड़े हमले का असर राजधानी कीव के अलावा निप्रॉपेट्रोस, खार्किव, पोल्टावा और चेर्निहाइव समेत कई क्षेत्रों में देखने को मिला। कई स्थानों पर मिसाइल और ड्रोन गिरने के बाद भीषण आग लग गई। रिहायशी इमारतों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और दूसरे महत्वपूर्ण ढांचों को नुकसान पहुंचा है।
यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि रूस ने इस हमले में बड़ी संख्या में ड्रोन के साथ क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया। यूक्रेनी एयरफोर्स के अनुसार, रूस की ओर से कुल 130 ड्रोन और 48 क्रूज एवं बैलिस्टिक मिसाइलें लॉन्च की गईं। यूक्रेन का दावा है कि उसकी एयर डिफेंस यूनिट्स ने 161 हवाई लक्ष्यों को नष्ट या इंटरसेप्ट किया। हालांकि, इतने बड़े हमले के बावजूद सभी मिसाइलों और ड्रोन को रोकना संभव नहीं हो सका।
एक दिन पहले यूक्रेन ने रूस पर किया था बड़ा ड्रोन अटैक
रूस के इस हमले को यूक्रेन की ओर से किए गए एक बड़े ड्रोन हमले की जवाबी कार्रवाई के तौर पर भी देखा जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, हमले से एक दिन पहले यूक्रेन ने मॉस्को और आसपास के क्षेत्रों में सैकड़ों विस्फोटक ड्रोन भेजे थे।
इस हमले के दौरान मॉस्को क्षेत्र में एक बड़े तेल भंडारण केंद्र को भी नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई थी। इसके बाद रूस की ओर से यूक्रेन के खिलाफ बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए।
निप्रो में औद्योगिक ढांचे को भारी नुकसान
रूसी हमले से यूक्रेन का प्रमुख औद्योगिक शहर निप्रो भी प्रभावित हुआ। यहां मिसाइल हमलों के बाद कई जगहों पर तेज धमाके हुए और आग लग गई। औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक महत्वपूर्ण इकाई को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इसके आसपास की इमारतों को भी नुकसान पहुंचा।
स्थानीय प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान चलाया गया। घायलों को अस्पतालों में पहुंचाया गया, जबकि मलबे में लोगों की तलाश भी की गई।
गेरान ड्रोन ने बढ़ाई यूक्रेन की चिंता
रूस की नई पीढ़ी के जेट-पावर्ड गेरान ड्रोन यूक्रेन के लिए एक नई चुनौती बनते जा रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, रूस अब पहले की तुलना में अधिक तेज और बेहतर क्षमता वाले ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है।
विशेष रूप से गेरान-5 को लेकर यूक्रेन की चिंता बढ़ी है। बताया जाता है कि यह जेट इंजन से संचालित ड्रोन है, जिसकी गति पारंपरिक पिस्टन इंजन वाले ड्रोन से काफी अधिक है। इसकी तेज गति और ऊंचाई पर उड़ान भरने की क्षमता के कारण एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इसे समय रहते पहचानना और इंटरसेप्ट करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
गेरान-5 की संभावित मारक क्षमता और लंबी दूरी इसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हथियार बनाती है। यही वजह है कि यूक्रेन लगातार अपनी एयर डिफेंस क्षमता मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
कीव में भी बड़े पैमाने पर तबाही
रूस के हमले का सबसे बड़ा असर यूक्रेन की राजधानी कीव में दिखाई दिया। यहां कई इलाकों में विस्फोट हुए और रिहायशी तथा औद्योगिक क्षेत्रों में नुकसान की खबर सामने आई। कई जगहों पर आग लगने के बाद आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय किया गया।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि रूस के हमलों में ऊर्जा और दूसरे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को निशाना बनाने की कोशिश की गई। यूक्रेन का आरोप है कि रूस लगातार ऐसे हमलों के जरिए देश की अर्थव्यवस्था और नागरिक व्यवस्था पर दबाव बढ़ाना चाहता है।
युद्ध खत्म होने की उम्मीदों के बीच बढ़ी चिंता
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को समाप्त करने को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हाल ही में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना भी की थी। इससे युद्ध को लेकर कूटनीतिक समाधान की उम्मीदें बढ़ी थीं।
लेकिन ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर जमीन पर हालात की गंभीरता को सामने ला दिया है। दोनों देशों के बीच लगातार हो रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों से यह स्पष्ट है कि युद्ध अभी भी बेहद खतरनाक स्थिति में है। सबसे बड़ी चिंता आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर है, क्योंकि लगातार हो रहे हमलों का सीधा असर रिहायशी इलाकों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर पड़ रहा है।

चार बच्चों समेत 24 लोगों की मौत और करीब 60 लोगों के घायल होने की खबर ने इस युद्ध की मानवीय कीमत को एक बार फिर दुनिया के सामने ला दिया है।




