
जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची इन दिनों अपने एक अनोखे किस्से को लेकर चर्चा में हैं। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर अपने आधिकारिक आवास से जुड़ा ऐसा अनुभव साझा किया, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया। मामला घर में मिले एक कॉकरोच से जुड़ा है। खास बात यह है कि कॉकरोच के चले जाने के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें राहत तो मिली, लेकिन थोड़ा अकेलापन भी महसूस हुआ।

प्रधानमंत्री के घर में अचानक पहुंचा कॉकरोच
साने ताकाइची ने बताया कि आधिकारिक आवास में रहने के दौरान एक दिन अचानक उनके पैरों के पास कॉकरोच तेजी से भागता हुआ निकला। वह इस घटना से काफी हैरान हुईं, क्योंकि उनका कहना है कि वह घर की साफ-सफाई का खास ध्यान रखती हैं। खाने के बचे हुए सामान को ढक्कन वाले कूड़ेदान में रखना और खाने की मेज के नीचे फर्श को साफ करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा है।
लेकिन कॉकरोच को देखते ही उसे मारने के बजाय उन्होंने उसे कुछ समय तक रहने दिया। इसकी वजह भी काफी दिलचस्प है।
पुनर्जन्म की सोच से नहीं मार पाईं कॉकरोच
प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्हें बचपन से जापानी मंगा कलाकार ओसामु तेजुका की फीनिक्स काफी पसंद रही है। इस रचना में जीवन, मृत्यु और पुनर्जन्म की अवधारणा को प्रमुखता दी गई है। ताकाइची ने कहा कि शायद इसी वजह से वह आज भी किसी कीड़े को मारने में सहज महसूस नहीं करतीं।
कॉकरोच को देखने के बाद उनके मन में यह विचार आया कि शायद उसका जीवन भी पुनर्जन्म के लंबे चक्र का हिस्सा हो। इसलिए उन्होंने कुछ समय तक इंतजार किया कि वह खुद ही घर से बाहर चला जाए।
हालांकि, जब उन्होंने अपने सचिवों को कॉकरोच के बारे में बताया तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया। एक सचिव ने इसे गंदा बताते हुए खुद संभालने की बात कही और उसके खिलाफ बाकायदा कार्रवाई कर दी। इसके बाद कॉकरोच दोबारा नजर नहीं आया।
कॉकरोच गया तो प्रधानमंत्री को महसूस हुआ अकेलापन
कॉकरोच से छुटकारा मिलने के बाद प्रधानमंत्री ने माना कि उन्हें राहत मिली। लेकिन इसके साथ ही उन्हें थोड़ा अकेलापन या उदासी भी महसूस हुई। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
प्रधानमंत्री आवास में भूतों की भी चर्चा
ताकाइची ने यह किस्सा उस समय साझा किया जब वह प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास से जुड़े आम सवालों का जवाब दे रही थीं। इस आवास को लेकर लंबे समय से भूतों की कहानियां भी प्रचलित हैं। इसकी वजह इमारत का पुराना और हिंसक इतिहास है। 1932 में तत्कालीन प्रधानमंत्री सुयोशी इनुकाई की हत्या इसी परिसर में हुई थी और 1936 में भी यहां सैन्य विद्रोह से जुड़ी घटना हुई थी। इसी इतिहास के कारण यहां आत्माओं के भटकने की अफवाहें चली आ रही हैं।
हालांकि, ताकाइची ने साफ कहा कि उन्होंने अब तक कोई भूत नहीं देखा है। उनके सामने जरूर एक कॉकरोच आया था, जिसने उनके घर में कुछ समय के लिए अनोखी जगह बना ली थी।
इस पूरे किस्से के जरिए जापानी प्रधानमंत्री ने अपने व्यस्त राजनीतिक जीवन के बीच अपने निजी स्वभाव की एक झलक भी दिखाई है। वह इन दिनों आधिकारिक आवास से ही ज्यादा काम करने की बात कह चुकी हैं और इसे कार्यालय के करीब होने के कारण कामकाज के लिहाज से सुविधाजनक बताती हैं।




