
उरई शहर में बुधवार की रात यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। कोच बस स्टैंड से लेकर जयसवाल क्लासिक तक ऐसा भीषण जाम लगा कि आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालात इतने खराब रहे कि लोग करीब ढाई घंटे तक सड़कों पर फंसे रहे। एंबुलेंस, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे—कोई भी इस जाम से अछूता नहीं रहा। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर अवैध पार्किंग, लग्जरी बसों और शादी समारोहों में चलने वाले भारी वाहनों पर प्रशासन कब सख्ती करेगा?
बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे उरई शहर की सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह बेकाबू हो गई। कोच बस स्टैंड से जयसवाल क्लासिक तक वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह थम सा गया। हालात इतने बिगड़ गए कि लोग अपने-अपने वाहनों में ढाई घंटे तक फंसे रहे, और रात करीब साढ़े दस बजे के बाद कहीं जाकर जाम से राहत मिल सकी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पूरे इलाके में कई गेस्ट हाउस और मैरिज हॉल स्थित हैं, लेकिन पार्किंग की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। शादी समारोहों में आने वाले मेहमानों के वाहन सड़क किनारे ही खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे सड़क की चौड़ाई आधी रह जाती है और जाम लगना आम बात हो गई है।
बुधवार की रात स्थिति इसलिए और ज्यादा बिगड़ गई क्योंकि एक ही समय पर चार से पांच लग्जरी बसें इसी मार्ग से गुजर रही थीं। वहीं कई लग्जरी बसें कोच बस स्टैंड के पास सड़क किनारे खड़ी कर दी गई थीं। इसी दौरान शादी समारोहों के बैंड-बाजे और बड़े डीजे वाहन भी उसी मार्ग से निकले, जिससे ट्रैफिक पूरी तरह जाम में तब्दील हो गया।
इस जाम का असर करीब एक किलोमीटर तक देखा गया। कांशीराम कॉलोनी की ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जबकि साईं पैलेस की तरफ भी वाहन रेंगते नजर आए। छोटे बहन मोहल्ला, मैकेनिक नगर और आसपास की गलियों से लोग वैकल्पिक रास्तों से निकलने की कोशिश करते रहे, लेकिन बाहर से आए लोग रास्तों की जानकारी न होने के कारण घंटों तक जाम में फंसे रहे।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कोच बस स्टैंड पर रोज शाम यही हाल रहता है। लग्जरी बस संचालक बेधड़क सड़क किनारे बसें खड़ी कर देते हैं। इतना ही नहीं, कई जगह ट्रैक्टर खड़े कर अस्थायी टिकट काउंटर तक बना लिए जाते हैं, जिससे अराजक स्थिति बनी रहती है और आए दिन विवाद की नौबत आ जाती है।
लोगों का साफ कहना है कि अगर अवैध पार्किंग, सड़क किनारे खड़ी लग्जरी बसों और शादी समारोहों में चलने वाले भारी वाहनों पर तत्काल सख्ती नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में उरई शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो सकती है।
अब देखना यह होगा कि इस भीषण जाम के बाद प्रशासन कोई ठोस और स्थायी कदम उठाता है या फिर उरई के नागरिकों को रोजाना इसी तरह जाम की परेशानी झेलनी पड़ेगी।




