सर्दियों की ठिठुरन में जब गरीबों के घरों में आग और रजाई की भी कमी महसूस होने लगती है, तब एक ऐसे व्यक्ति की कहानी सामने आती है जो खुद को “समाज का सेवक” मानता है। हम बात कर रहे हैं पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजकुमार दुबे की, जिन्होंने इस सर्दी में गरीबों के लिए एक बार फिर मसीहा की भूमिका निभाई है।
राजकुमार दुबे हर साल की तरह इस साल भी ठंड से जूझ रहे गरीबों के लिए कंबल वितरण कर रहे हैं। उनका लक्ष्य इस बार 20,000 से अधिक कंबल गरीबों तक पहुंचाना है। यह कोई छोटा काम नहीं है, बल्कि एक विशाल सामाजिक अभियान है जो गांव-गांव जाकर चलाया जा रहा है।
राजकुमार दुबे का कहना है कि उन्होंने यह अभियान “एक पखवाड़े” में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। वे हर दिन गांवों में जाकर बुजुर्गों, जरूरतमंद परिवारों और दिव्यांगों को कंबल वितरित कर रहे हैं। कंबल मिलने के बाद लोगों की आंखों में खुशी के आंसू साफ दिखते हैं।
यमुना नदी के किनारे बसे गांवों में यह अभियान विशेष रूप से जोर पकड़ रहा है। क्योंकि यहां की ठंड और भी ज्यादा सख्त होती है, और गरीबों के लिए गर्माहट एक बड़ा मुद्दा बन जाता है।
अभी तक कई दर्जन गांवों में कंबल वितरण किया जा चुका है। बुजुर्ग लोग राजकुमार दुबे को “देवता” तक कहने लगे हैं। हर घर में लोग उन्हें अपना आशीर्वाद दे रहे हैं और उनके इस सामाजिक कार्य की सराहना कर रहे हैं।
यह देखना दिल को छू लेने वाला है कि कैसे एक व्यक्ति अपने संसाधनों और प्रयासों से समाज के सबसे कमजोर वर्ग को राहत पहुंचा रहा है। इस काम से यह संदेश भी मिलता है कि समाज में “सेवा” की भावना अब भी जिंदा है।
आशा है कि राजकुमार दुबे का यह अभियान और भी अधिक लोगों तक पहुंच सके और इस सर्दी में कई परिवारों की ज़िंदगी में गर्माहट लौट सके।
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