उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है, जहां बांदा पुलिस ने “मुस्कान अभियान” के तहत एक बार फिर जनता का भरोसा जीत लिया है। पुलिस अधीक्षक बांदा के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान के अंतर्गत साइबर क्राइम पुलिस थाना और कोतवाली नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने कड़ी मेहनत और तकनीकी दक्षता के दम पर करीब 26 लाख रुपये कीमत के 130 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली स्वामियों को वापस सौंप दिया
दरअसल बीते कुछ समय से बांदा जिले में लोगों के मोबाइल फोन गुम हो जाने या चोरी होने की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। आमजन के लिए मोबाइल आज सिर्फ संपर्क का साधन नहीं बल्कि बैंकिंग, दस्तावेज, निजी डेटा और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ा अहम उपकरण बन चुका है। ऐसे में मोबाइल खो जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इन्हीं समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक बांदा के निर्देशन में “मुस्कान अभियान” चलाया गया। अभियान के तहत साइबर क्राइम थाना और कोतवाली नगर पुलिस की विशेष टीम गठित की गई, जिसने तकनीकी सर्विलांस और साइबर ट्रैकिंग के माध्यम से जिले के अलग-अलग इलाकों से गुम हुए मोबाइल फोन की तलाश शुरू की।
कड़ी मशक्कत और तकनीकी जांच के बाद पुलिस टीम ने कुल 130 मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 26 लाख रुपये बताई जा रही है। इनमें से 70 मोबाइल फोन साइबर क्राइम थाना पुलिस द्वारा जबकि 60 मोबाइल फोन कोतवाली नगर पुलिस द्वारा बरामद किए गए।
आज पुलिस लाइन बांदा स्थित सभागार में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज और क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम मेविस टॉक की मौजूदगी में सभी बरामद मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए।
अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। कई लोगों ने मंच से ही बांदा पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका मोबाइल दोबारा मिल पाएगा, लेकिन पुलिस की मेहनत और ईमानदार प्रयासों से यह संभव हो सका।
मेविस टॉक, सहायक पुलिस अधीक्षक / क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम, बांदा
“मुस्कान अभियान के तहत हमारा प्रयास है कि आमजन को उनकी खोई हुई संपत्ति वापस दिलाई जा सके। पुलिस जनता की सेवा और भरोसे के लिए प्रतिबद्ध है और आगे भी इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे।”
बांदा पुलिस का कहना है कि “मुस्कान अभियान” का उद्देश्य सिर्फ मोबाइल बरामद करना नहीं, बल्कि जनता के मन से पुलिस के प्रति डर और अविश्वास को दूर कर भरोसे की भावना को मजबूत करना है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
बांदा पुलिस की यह पहल न सिर्फ तकनीकी दक्षता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाती है कि अगर पुलिस और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता मजबूत हो, तो हर समस्या का समाधान संभव है। मुस्कान अभियान के जरिए बांदा पुलिस ने सचमुच जनता के चेहरों पर मुस्कान लौटाने का काम किया है।
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